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अर्णब गोस्वामी पर जानलेवा हमला, कांग्रेस पर लगा आरोप

रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ और एंकर अर्णब गोस्वामी पर मुंबई में बुधवार देर रात दो लोगों ने हमला करने की कोशिश की। जब वे इसमें नाकाम रहे तो उन्होंने अर्नब की कार पर स्याही फेंक दी। घटना के वक्त उनकी पत्नी समिया गोस्वामी भी साथ थीं। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज की गई।

जानकारी के मुताबिक, हमला गणपतराव कदम मार्ग पर उनके घर से महज 500 मीटर की दूरी पर किया गया। अर्णब कार ड्राइव कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक, हमलावर अर्णब की गाड़ी के आगे आए। कार के शीशे को तोड़ने की कोशिश की। जब वे कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने कार पर स्याही फेंक दी। वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हम अर्णब गोस्वामी पर हमले की कोशिश की निंदा करते हैं। अगर इस मामले में शिकायत हुई है तो पुलिस को मौजूदा कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए।

अर्णब ने आचार्य प्रमोद कृष्णन से कहा कि अगर किसी पादरी की हत्या होती तो आपकी पार्टी और आपकी पार्टी की ‘रोम से आई हुई इटली वाली’ सोनिया गांधी बिलकुल चुप नहीं रहतीं। अर्णब ने कहा, “सोनिया गांधी तो खुश हैं। वो इटली में रिपोर्ट भेजेंगी कि देखो, जहां पर मैंने सरकार बनाई है, वहां पर हिन्दू संतों को मरवा रही हूं। वहां से उन्हें वाहवाही मिलेगी। लोग कहेंगे कि वाह, सोनिया गांधी ने अच्छा किया। इन लोगों को शर्म आनी चाहिए। क्या उन्हें लगता है कि हिन्दू चुप रहेंगे? आज प्रमोद कृष्णन को बता दिया जाना चाहिए कि क्या हिन्दू चुप रहेंगे? पूरा भारत भी यही पूछ रहा है। बोलने का समय आ गया है।”

वहीं, नागपुर में अर्णब के खिलाफ दंगा उकसाने के आरोप में एक केस दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने अर्णब की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘ कुछ मीडिया हाउस हमेशा नफरत फैलाने के लिए तैयार रहते हैं और अपने टीवी चैनलों के जरिए समाज को बांटते हैं।’

आपको बता दें कि अर्णब गोस्वामी ने हाल ही में एक लाइव शो के दौरान ही एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से इस्तीफा दिया था। अर्णब ने अपने इस्तीफे के लिए एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के गिरते हुए मूल्यों को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा था, “एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने व्यक्तिगत पूर्वग्रहों के लिए नैतिकता से समझौता किया है। वह काफी लंबे वक्त से एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्य हैं, लेकिन अब यह मात्र कुछ लोगों का समूह है, जिनमें फेक खबरों को फेक कहने का दम नहीं है।’

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