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कब तक कांग्रेस के गुलाम बने रहेंगे मुस्लिम नेता?- ओवैसी

कांग्रेस में मचा लेटर विवाद आज शाम थम गया। कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व को लेकर मचे घमासान और अंतरिम अध्यक्ष को लेटर लिखकर निशाने पर आए गुलाम नबी आजाद पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है। गुलाम नबी आजाद के द्वारा खुद को ‘बीजेपी की बी’ टीमे कहे जाने का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि अब उनके ही पार्टी नेता राहुल गांधी ने बीजेपी की मदद का आरोप लगाया है। हालांकि, कांग्रेस और खुद गुलाम नबी आजाद ने सफाई देते हुए कहा है कि राहुल गांधी ने लेटर लिखने वाले नेताओं पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप नहीं लगाया है।

ओवैसी ने कहा कि ”गुलाम नबी आजाद मुझ पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, आज उनके पूर्व अध्यक्ष ही उनपर सवाल उठा रहे हैं। 45 साल से कांग्रेस से जुड़े गुलाम नबी आजाद साहब जब हैदराबाद आते हैं तो मुझ पर और मेरी पार्टी पर आरोप लगाते हैं कि हम बीजेपी को सपोर्ट कर रहे हैं।”

ओवैसी ने आगे कहा, ”आज राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लेटर लिखकर और उस पर साइन करके बीजेपी की मदद की है। अब आजाद को यह सोचना है क्योंकि उनकी अपनी ही पार्टी के नेता ने कहा है कि वह बीजेपी को सपोर्ट करने वालों में से हैं।” ओवैसी ने कहा कि कोई भी जो कांग्रेस पार्टी और इसके नेतृत्व का विरोध करता है उसपर ‘बीजेपी की बी टीम’ का लेबल लगा दिया जाता है और गुलाम नबी आजाद भी यही करते रहे हैं।

ओवैसी ने कहा कि ”मीडिया के सामने आए और कहा कि यदि वह बीजेपी की मदद कर रहे हैं तो इस्तीफा दे देंगे। यह साबित हो चुका है कि यदि आप कांग्रेस पार्टी का विरोध करते हैं, जैसा की मैं कर रहा हूं, मैं बीजेपी का भी विरोध कर रहा हूं, तो कांग्रेस पार्टी मुझ पर बी-टीम मेंबर का लेबल लगाती है। यदि उनकी पार्टी में कोई नेतृत्व का विरोध करता है तो वह बीजेपी से मिल चुका है।” 

ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस के सभी मुस्लिम नेताओं को इस मुद्दे पर सोचना होगा और विकल्प की तलाश करनी होगी। ओवैसी ने कहा, ”जो मुस्लिम नेता कांग्रेस में अपना समय खराब कर रहे हैं उन्हें इसके बारे में सोचना होगा। आज आप पर आरोप लगाया जाता है कि आप बीजेपी को सपोर्ट कर रहे हैं, तब आप कब तक कांग्रेस के गुलाम बने रहेंगे? जब आप गुलामी की जंजीर तोड़ेंगे और अपना फैसला खुद करेंगे तो विकल्प भी दिखेंगे।”

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