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कोरोना वायरस: ओवैसी ने LOCKDOWN पर उठाए सवाल, कहा- जमातियों और लॉकडाउन से वायरस का क्या कनेक्शन?

पूरी दुनिया कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है। भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने लॉकडाउन के मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि लॉकडाउन की लीगल हैसियत क्या है? ओवैसी ने कहा कि आप जानते हैं कि ढाल का काम क्या होता है। इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन उसका लफ्ज होता है। इंसान नाजुक रिश्तों को भी खराब कर रहा है। असदुद्दीन ओवैसी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि घर में नमाज पढ़ें। मस्जिदों में, मोहल्ले में 15-20 लोग जमा होकर नमाज अता मत कीजिए। वायरस फैल रहा है, आपसे गुजारिश है कि आप इन चीजों पर अमल कीजिए। एक-एक लम्हे की अहमियत को समझिए।

लॉकडाउन को लेकर औवेसी ने कहा कि ये Unplanned Reactionary था। गरीब परेशान हैं। यूपी, बिहार, झारखंड अपने-अपने घरों को छोड़कर मजदूरी कर रहे हैं। हमारे मुल्क में गरीब बहुत परेशान हैं। लॉकडाउन पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि वजीर ए आजम फौरन उठे और ऐलान कर दिया। ये तक नहीं सोचा कि लेबर कैसे लौटेंगे। आज आप देख रहे हैं कि कितनी बड़ी तादात में लेबर परेशान हैं। एक 12 साल की लड़की थी। छत्तीसगढ़ जाना चाहती थी। 50 किमी दूर अपने गांव से पहले मर गई। मुकेश मंडल, सरस्वती कुंज गुरुग्राम में थे। 2500 रुपए में अपना सेल फोन बेचा। पंखा खरीदा और उसके बाद खुदकुशी कर ली। लोग घुट-घुटकर मर रहे हैं।

ओवैसी ने कहा कि एयर कंडीशन नहीं चलता है तो हम आसमान सिर पर उठा लेते हैं। 6×6 के कमरों में कितने लोग रहते हैं? ह्यूमिड कितना रहता है मुंबई में? माइग्रेंट्स लेबर के पास राशन कार्ड नहीं हैं और ना राशन है। FCI के गोदाम में चावल हैं, वो सेनिटाइजर के लिए इस्तेमाल होंगे। लोग पैदल चल रहे हैं, अजीब मामला है। गरीबों की तरफ कब रुख करेगी ये सरकार। ओवैसी ने कहा कि आपने पैकेज का ऐलान किया। आप रियासत को दीजिए, जहां माइग्रेंट्स लेबर हैं वहां दीजिए। क्यों नहीं बिहार, झारखंड, हैदराबाद के लेबरों को भिजवा सकते हैं? कितने फोन आते हैं मेरे पास कि हमको हमारे गांव में भेज दीजिए। बनारस के डीएम चिट्ठी जारी करते हैं कि तेलंगाना भिजवाते हैं।

ओवैसी ने कहा कि आपकी सरकार गरीबों की मदद क्यों नहीं कर रही है। हमारे सीएम ने आपको चिट्ठी लिखी, मजदूरी बढ़ाएं, क्यों नहीं आप आप रियासत के सीएम को क्रॉप रीस्टोर कर रहे हैं। आप फिर वीडियों कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। 30 हजार करोड़ का प्रोजक्ट रोक दीजिए। वो पैसे इस्तेमाल कीजिए। जब एमपी फंड को खत्म किया जा सकता है तो ये क्यों नहीं। ओवैसी ने कहा कि आज सबको पता लग रहा है कि भूख क्या होती है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद 10 करोड़ नौकरियां जाएंगी। थाली बजाओ, दीये जलाओ, लाइट बुझा दी। पोस्ट लॉकडाउन के बाद आपका क्या प्लान है। कब ट्रेनों का इंतजाम किया जाएगा, क्या प्लान है आपके पास? आप तो बस ऐलान कर रहे हैं। ग्राउंड पर नजर नहीं आ रहा है। आपके अनप्लांड लॉकडाउन की वजह से जनता को ये सामना कर पड़ा रहा है।

ओवैसी ने आगे कहा कि 11 हजार के करीब लोगों का सर्वे हुआ था। माइग्रेंट्स लेबर पर। लॉकडाउन कुछ इलाज नहीं है। आपको जो समय मिला तो उसमें आपने किया क्या? 80 प्रतिशत लोगों को कोई लक्षण नहीं है। टेस्टिंग का इंतजाम नहीं है। चीन से जो किट आई है उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? आपकी पार्टी मुझसे नफरत करती है? क्या-क्या कहती है मुझे इसकी परवाह नहीं है। मुस्लिमों के लिए नफरत का माहौल खड़ा कर दिया है। ओवैसी ने कहा कि वायरस का कोई मजहब नहीं होता, आपने ही बोला था, तबलीगी जमात तालिबानी है। आपके ही मंत्री ने कहा है कि रोज फिगर आते हैं तो सोर्स बताते हैं। ये कांट्रडिक्शन क्यों? जब तक वायरस खत्म नहीं हो जाता, तब तक आप अपने वायरस को तो रोक सकते हैं। मैं तो उन सभी लोगों को बोलूंगा जो मुल्क को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

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