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कोरोना वायरस: गृह मंत्रालय ने आरोग्य सेतु ऐप को लेकर किया ये बड़ा बदलाव

गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन पार्ट-4 के दिशानिर्देशों में आरोग्य सेतु ऐप से जुड़े नियम को सरल बना दिया है। सरकार ने इस ऐप को डाउनलोड करने की अनिवार्यता खत्म करके इसे वैकल्पिक कर दिया है। आरोग्य सेतु ऐप को कोरोना वायरस संक्रमण की निगरानी के लिए विकसित किया गया है। गृह मंत्रालय के रविवार को जारी नए दिशानिर्देशों में सरकार ने ऐप के फायदों पर विशेष जोर दिया है। सरकार का कहना है कि यह ऐप कोरोना वायरस के संभावित जोखिम का पहले से पता लगाने में मदद करता है। यह व्यक्तियों और समाज के सुरक्षा कवच की तरह है।

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक कि कार्यालयों और कार्यस्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ताओं को सभी कर्मचारियों के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप को डलवाना सुनिश्चित करने के प्रयास करने चाहिए। जबकि इससे पहले 1 मई को जारी दिशानिर्देशों में सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करना अनिवार्य बताया था। गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक जिला प्रशासन के पास यह अधिकार होगा कि वह किसी व्यक्ति को यह ऐप डालने के लिए परामर्श दे सकता है। साथ ही नियमित आधार पर उसके स्वास्थ्य की निगरानी रख सकता है।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा गठित समिति ने खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू करने को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में आरोग्यु सेतु एप के अनिवार्य उपयोग, राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) द्वारा स्वास्थ अधिकारी नियुक्त करना, जो सभी सुरक्षात्मक उपायों के पालन को सुनिश्चित करे, ल़ॉकर रूम बंद करना, आपस में 1.5 और दो मीटर की दूरी बनाए रखना जैसी सिफारिशें सुझाई हैं। साई ने 10 मई को सचिव रोहित भारद्वाज की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया जिसने 33 पेजों की अपनी रिपोर्ट दी है और उसमें ट्रेनिंग शुरू करने संबंधी सिफारिशों का जिक्र किया है। इस रिपोर्ट को अब स्वास्थय मंत्रालय और गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलना बाकी है।

एसओपी में कहा गया है कि “जिम का उपयोग या तो बंद किया जाए या सीमित किया जाए। जहां तक निजी उपकरणों से एक्सरसाइज करने की बात है तो उन्हें किसी और को न दिया जाए। अगर खिलाड़ी जिम का उपयोग करें तो ध्यान रहे कि वो आपस में 1.5-2 मीटर की दूरी बनाए रखें। और उपकरणों को उपयोग की मंजूरी तभी दी जाए जब खिलाड़ी मुंह पर मास्क और ग्ल्व्स का उपयोग करें।” एसओपी में खिलाड़ियों को कोविड-19 से बचाव के तरीकों के बारे में शिक्षित करने की बात कही है। एसओपी में कहा गया है कि जो खिलाड़ी साई केंद्रों में हैं उनकी स्क्रीनिंग करना चाहिए। साथ ही कहा है कि जो ट्रेनिंग शुरू होने के बाद केंद्र में आते हैं उन्हें टेस्ट का परिणाम न आने तक क्वारंटीन किया जाए।

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