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दिल्ली विधानसभा चुनाव: क्या इन दो नेताओं के कारण हारी बीजेपी ?

दिल्ली विधानसभा चुनाव में तीसरी बार आम आदमी पार्टी सरकार बनाने वाली है। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा ने शाहीन बाग धरने को इंगित करके काफी उत्तेजक और भड़काऊ बयान दिए थे। इन दोनों नेताओं का भाषण इनके और पार्टी के लिए परेशानी बनते दिख रहे हैं। इनके भड़काऊ भाषणों के बाद दिल्ली में धरने के नजदीक एक युवक ने गोलीबारी की तो जामिया के छात्रों पर भी एक युवक ने गोली चलाई थी।

दोनों बीजेपी नेताओं के खिलाफ सीपीआई नेता वृंदा करात और के.एम.तिवारी ने आईपीसी की कई धाराओं के  तहत इस्तगासा पेश कर पार्लियामेंट थाने को एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने की गुहार की है। इस पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट के एसीएमएम विशाल पाहुजा ने दिल्ली पुलिस को दोनों नेताओं के खिलाफ आरोपों की जांच 15 दिन में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस को प्रसंज्ञान योग्य अपराध बनने पर एफआईआर दर्ज करने या अगली तारीख तक स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले कोर्ट के कहने पर डीसीपी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि शिकायत पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन युनिट की क्राईम ब्रांच जांच कर रही है और स्पेशल कमिश्नर क्राइम जांच का सुपरविजन कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में पुलिस ने गोलीबारी के मामले में जांच प्राथमिक स्तर पर बताते हुए जांच पूरी करने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा है। कोर्ट ने मामले को संवेदनशील बताते हुए जांच में तेजी लाने और 15 दिन में पूरी करने के को कहा है।

शिकायकतकर्ताओं ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने रिठाला में हुई रैली में सीएए के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों के संबंध में देश के गदरों को गोली मारने के नारे लगाए थे। प्रवेश वर्मा ने एक न्यूज ऐजेंसी को दिए इंटरव्यू में शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहद उत्तेजक व भडक़ाऊ भाषा का इस्तेमाल किया था। दोनों पर दो समुदायों के बीच में दुश्मनी उत्पन्न करने और इस कारण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कई हिंसात्मक घटनाएं होने के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार की है। मामले में अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।

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