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गणेशजी की मूर्ति चीन से आयात होने पर वित्त मंत्री हैरान, बोलीं-“मैं हैरान हूं, क्या मिट्टी की मूर्ति भी चीन से मंगवाना जरूरी है?”

भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद देश भर में चीनी सामान को बहिष्कार करने की मांग उठ रही है। हर कोई चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। बता दें कि इस हिंसक झड़प के लिए चीन ने नई दिल्ली को जिम्मेदार ठहराया है। चीन की इस ख़बर के बाद दिल्ली के होटलों और गेस्ट हाउसों में चीनी नागरिकों को नहीं ठहराने का फैसला लिया है। वहीं, चीन के प्रति गुस्सा जाहिर करते हुए व्यापारिक संगठनों ने चीन से आयात को कम करने के लिए अभियान छेड़ दिया है।

इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विकास को बढ़ावा देने के लिए चीन से कच्चे माल के आयात पर कुछ भी गलत नहीं है। क्योंकि जो चीजें हमारे देश में नहीं हैं, उसे बाहर से मंगाने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन आश्चर्य तब होता है कि जब गणेश भगवान की मूर्ति भी चीन से आयात किया जाता है। क्या मिट्टी की मूर्ति भी चीन से मंगवाना जरूरी है? निर्मला सीतारमण ने वर्चुअल रैली के जरिये तमिलनाडु के बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी देश से आयात में कुछ गलत नहीं है, ऐसी चीजें की आयात पर किसी तरह की दिक्कत नहीं है, जो उत्पादन को बढ़ावा देगा और जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान भी यही कहता है कि देश में उत्पादन हो, जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन उन चीजों के आयात पर सोचने की जरूरत है, जिससे ना तो किसी को रोजगार मिलने वाला है, और ना ही उससे अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि हर साल गणेश चतुर्थी त्योहार के दौरान स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी से बनी गणेश की मूर्तियां खरीदी जाती हैं। लेकिन अब देखने को मिलता है कि गणेश की मूर्तियां भी चीन से आयात किया जाता है। ऐसा क्यों? क्या हम इस स्थिति में नहीं हैं कि गणेश की मूर्ति नहीं बना सकते हैं?

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