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जानिए…एक सब्जी बेचने वाला कैसे बना इतने बड़े प्रदेश का मुख्यमंत्री ?

देश का धाकड़ सूबे कहा जाने वाला हरियाणा दूध, दही के लिए तो मशहूर है ही साथ ही खिलाड़ी के लिए भी काफी ऊपर है। कहा जाता है कि देश के ज्यादातर खिलाड़ी हरियाणा के ही निकलकर आते हैं। और आज हम बात करेंगे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की। आज प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर का जन्मदिन है। इस मौके पर उनके चाहने वालों ने उन्हें शुभकामनाएं दी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज जहां खट्टर हैं, वहां तक पहुंचने में उन्होंने कड़ा संघर्ष किया है।

मनोहर लाल खट्टर पंजाबी परिवार से हैं। 1947 में उनका परिवार पाकिस्तान छोड़कर भारत आ गया और हरियाणा के रोहतक जिले के निंदाना गांव में बस गया। तब इस परिवार के पास कुछ नहीं था। खट्टर के पिता और दादा ने मजदूरी की। निंदाना गांव में ही 5 मई 1954 को मनोहर लाल खट्टर का जन्म हुआ।

मनोहर लाल परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति बने जिसने दसवीं की परीक्षा पास की। वे पढ़ाई करते हुए ही उन दिनों में परिवार के साथ खेतों में काम करते थे, साइकिल पर सब्जी लादकर रोहतक की मंडी में ले जाते थे। वे हमेशा पढ़ाई में अव्वल रहे। मेडिकल कॉलेज में दाखिले की परीक्षा की तैयारी के लिए मनोहर लाल दिल्ली आए। यहां उन्होंने ट्यूशन पढ़ाई। सदर बाजार में कपड़े की दुकान खोली। दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की। इस बीच उनका काम भी चल निकला। जिससे पैसे कमाकर छोटी बहन की शादी कराई। दो छोटे भाई-बहन को दिल्ली बुला लिया। उनके माता-पिता शादी के लिए उन पर दबाव बनाते रहे लेकिन उन्होंने शादी नहीं की।

मनोहर लाल खट्टर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में पूर्णकालिक प्रचारक बने। 14 वर्ष तक संघ में सक्रिय रहने के बाद बीजेपी में चले आए और 1994 में हरियाणा में बीजेपी के महासचिव बनाए गए। बीजेपी महासचिव के रूप में मनोहर लाल खट्टर ने काफी नाम कमाया। अहम चुनावों में उनकी हिस्सेदारी रही। उन्होंने पार्टी के लिए रणनीतियां बनाईं। 2014 में उन्होंने करनाल विधानसभा से पहला चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

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