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जानिए…लॉकडाउन-4 में किन कामों पर मिलेगी छूट और किन पर नहीं?

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन लागू किया है। जिसके दो चरण पूरे हो चुके हैं और तीसरा चरण 17 मई को पूरा हो जाएगा। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम संबोधन में लॉकडाउन के चौथे चरण का ऐलान कर दिया है। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन का चौथा चरण नए रंग-रूप वाला होगा। लेकिन अब इसे खत्म करना भी जरूरी हो गया है। क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं, जो रोजगार आदि जैसी समस्या पैदा कर रही है। हालात अगर ऐसे ही रहे तो देश की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी। ऐसे में केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के चौथे भाग में कुछ ढील देने की बात कही है। जिससे कोरोना महामारी के प्रसार पर भी काबू रहे, साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाया जा सके।

जानकारी के मुताबिक, लॉकडाउन पार्ट-4 में भविष्य को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, वर्तमान हालात को नई सामान्य स्थिति मानते हुए अब देश आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। लॉकडाउन-4 में साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि सुरक्षा का ख्याल रखते हुए कई चीजों में ढील मिलेगी। हालांकि, कंटेनमेंट जोन के लिए स्थितियां पहले जैसे ही रहेंगी। जाहिर है कोई भी राज्य पूरी तरह से लॉकडाउन खत्म किए जाने के पक्ष में नहीं है। सभी धीरे-धीरे बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ़ रहे हैं।

एक अधिकारी ने कहा, ‘कोई भी राज्य सरकार लॉकडाउन खत्म नहीं करना चाहती है लेकिन सभी आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं।’ नए लॉकडाउन यानी चौथे हिस्से में स्कूल, कॉलेज, मॉल और मूवी थियेटर किसी भी इलाके में नहीं खुलेंगे। वहीं, सैलून, नाई की दुकान और स्पा सेंटर को रेड जोन में सावधानी के साथ खोला जा सकता है। हालांकि, कटेंनमेंट इलाके में यह बंद रहेगा। इसके अलावा ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में भी यह खुला रहेगा।

जानकारी के मुताबिक, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम और तेलंगाना लॉकडाउन को अभी आगे बढ़ाने के पक्ष में थे। पंजाब सरकार ने पहले की तरह ही लॉकडाउन लागू रखने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को छूट देने की मांग की थी। जिससे धीरे-धीरे राज्य इस हालत से बाहर निकलने और कोरोना संक्रमण से बचते हुए आर्थिक सुधारों के लिए एग्जिट प्लान की रणनीति पर काम कर सके। बीजेपी शासित त्रिपुरा ने भी अन्य सरकारों की तरह ही राज्य को ढील देने की मांग की थी। जिससे कि वो हालात के मुताबिक ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन तय कर सकें। एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात समेत कई अन्य राज्यों की बुरी हालत है।

केंद्र सरकार आने वाले कुछ दिनों में सार्वजनिक परिवहन, जैसे कि बस, रेल और घरेलू विमानों की आवाजाही में ढील दे सकती है। हालांकि, तमिलनाडु, कर्नाटक और बिहार जैसे राज्य मई के आखिर तक ट्रेन और विमान सेवा शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं। सभी तरह के ट्रांसपोर्ट में सोशल डिस्टेंसिंग और लोगों की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए प्लान तैयार किया गया है। केंद्र लोकल ट्रेन, बस और मेट्रो में हल्की ढील देने पर विचार कर रही है। जिसको लेकर तैयारी भी शुरू कर दी गई है। रेड जोन में इसे चलाया जाएगा, हालांकि कंटेनमेंट जोन को छोड़कर। ऑटो और टैक्सी को भी रेड जोन में चलाए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, यह ढील भी कंटेनमेंट जोन इलाकों में लागू नहीं होगी। परिवहन को अनुमति देने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और यात्रियों की संख्या को लेकर भी दिशा-निर्देश तैयार किया गया है।

बाजार कैसे करेगा काम?

केंद्र, इस मामले में राज्यों को कुछ छूट देगी। हालांकि, यह छूट ऑरेंज और रेड जोन इलाकों के लिए ही होगी, जिससे कि दिल्ली जैसे राज्य अपनी सहूलियत के हिसाब से ऑड-ईवन की तर्ज पर सभी दुकानों को खोलने की पहल कर सके। वहीं, रेड जोन में भी ई-कॉमर्स के जरिए सभी तरह के सामानों की डिलिवरी की छूट दी जा सकती है। यहां भी कंटेनमेंट इलाके में बंदिश रहेगी।

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