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जानिए…सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज से किस वर्ग को मिलेगी कितनी राहत?

कोरोना के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन लागू किया है। इस कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह डगमगा गई है। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। 20 लाख करोड़ रुपये के इस पैकेज के जरिए गरीबों, कारोबारियों की मदद की जाएगी। जिसकी जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देंगी। इस बीच MSME सेक्टर यानी छोटे कारोबारी कई तरह की उम्मीदें लगाए बैठे हैं, इनकी कई तरह की मांग हैं जिसे वो सरकार से पूरा करवाना चाहते हैं। MSME सेक्टर की ओर से किस तरह की मांग रखी गई हैं और उनकी इस महापैकेज से क्या उम्मीदें हैं?

1. MSME सेक्टर में रजिस्टर सभी कंपनियों को अतिरिक्त 20 फीसदी लोन की सुविधा मिले।

2. जिन कंपनियों ने पिछले तीन साल में सही से टैक्स रिटर्न भरा है, उन्हें इस मामले में प्राथमिकता मिले।

3. अगर लिया गया कर्ज बैड लोन में तब्दील होता है, तो उसके लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम के ऐलान की उम्मीद। जिसमें 75 फीसदी हिस्सा सरकार और 25 फीसदी हिस्सा सरकार का हो।

4. इन सब को मिलाकर एक लाख करोड़ रुपये का बजट होता है, इसके अतिरिक्त एक लाख करोड़ की मांग की गई है ताकि वर्किंग कैपेसिटी के लिए अतिरिक्त लोन मिल सके।

5. जानकारी के मुताबिक, कई बैंकों ने अभी तक MSME की कई इंडस्ट्री को 15 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया है।

6. अगर 20 फीसदी अतिरिक्त लोन को मंजूरी मिलती है, तो एमएसएमई सेक्टर पर कुल दबाव 3 लाख करोड़ का हो सकता है।

7. अप्रैल, मई और जून तक की तन्ख्वाह को महीने के अनुसार देने का प्रस्ताव।

8. इसके लिए किस तरह लाभ पहुंचाया जाए, उसपर मंथन जारी है। ESIC के द्वारा देना भी एक तरीका हो सकता है. अभी ESIC फंड में 31 हजार करोड़ रुपये मौजूद है।

9. मौजूदा लोन को एक साल तक के लिए स्थगित कर दिया जाए।

10. MSME सेक्टर में बकाया देने के लिए 45 दिन का समय है, इसे दो भागों में बांट दिया जाए।

11. जिनकी तन्ख्वाह 15 हजार से कम है, केंद्र की ओर से उन्हें 15 हजार अतिरिक्त दिए हैं. यानी EPFO खाते में तीस हजार डाले जाएं।

12. सरकार की ओर से कंपनियों की मदद दी जाए, इसमें लोन का कुछ हिस्सा सरकार भरे।

13. इन्हीं कंपनियों के लिए सरकार बैंक लोन को दोबारा तैयार करवाए।

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