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जामिया लाइब्रेरी वीडियो को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी का एक पुराना वीडियो खूब वायरल हो रहा है। लेकिन ये वीडियो अब राजनैतिक रंग लेने लगा है। हिंसा के वायरल हो रहे कथित वीडियो को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने झूठ कहा कि वो जामिया के अंदर नहीं घुसी। बल्कि दिल्ली पुलिस जामिया के अंदर घुसी और एक बच्ची की आंख को ज़ख्मी कर दिया।ओवैसी ने कहा कि वीडियो से पता चलता है कि बच्चे बाहर निकलना चाहते थे लेकिन पुलिस पीछे से बच्चों को मार रही थी। उन्होंने कहा कि जामिया के वाइस चांसलर ने MHRD को पुलिस के खिलाफ शिकायत की और पुलिस के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए।

15 दिसंबर को जामिया की घटना को लेकर छात्र द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने मामले में मोदी सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल, एक छात्र शाययान मुजीब की याचिका पर उसकी चोटों के लिए दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई थीं। उन्होंने कहा कि वह पुस्तकालय में बैठे थे, इसी दौरान पुलिस ने वहां पहुंचकर उनकी पिटाई कर दी। जिसके बाद उसने करीब 2.5 लाख रुपये खर्च किए क्योंकि उनके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए थे।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को काशी महाकाल एक्सप्रेस का उद्घाटन किया, जिसमें एक सीट भगवान शिव के लिए सेफ रखी गई है। इसे लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े किए हैं। वाराणसी में काशी महाकाल एक्सप्रेस के बी5 कोच में सीट नंबर 64 को मंदिर के रूप में बदल दिया गया है। यहां भगवान शिव का छोटा सा मंदिर बनाया गया है, ताकि ट्रेन में भी लोगों को भगवान शिव के दर्शन करने को मिलें। इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए संविधान की प्रस्तावना को साझा किया। ओवैसी इससे पहले भी मोदी सरकार पर धर्म के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाते रहे हैं, जिसमें नागरिकता संशोधन एक्ट, नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन को लागू करना भी शामिल है।

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