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डॉक्टरों के साथ बदतमीजी करने वाले जमाती अब मांग रहे हैं जिंदगी की भीख

दुनिया भर कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। भारत में भी लॉकडाउन लगाने के बावजूद भी इन मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। माना जा रहा है कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठा हुए जमातियों की वजह से यह आंकड़े बढ़े हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में तबलीगी जमात से जुड़े तीन लोगों को हैलट अस्पताल स्थित आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, शिकायत मिली थी कि ये लोग इलाज में डॉक्टरों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। हालांकि, जब स्थिति बिगड़ने लगी तो कोरोना से संक्रमित तीनों लोग मेडिकल स्टाफ के सामने बिलख-बिलखकर रोने लगे। यही नहीं, इन लोगों ने हेल्थ वर्कर्स के सामने गिड़गिड़ाकर जान बचाने का आग्रह किया।

 वहीं, अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर अशोक शुक्ला का कहना है कि शुरुआत में ये लोग वक्त पर दवा नहीं खाते थे, डॉक्टरों का सहयोग भी नहीं करते थे। लेकिन अब वे पूरी तरह से डॉक्टर्स, नर्सों की बात मान रहे हैं। बाकी रोना वगैरह यह मनोवैज्ञानिक असर है। जब भी कोई शख्स बहुत ज्यादा डर जाता तो इस तरह की प्रतिक्रिया देता है। वहीं, कानपुर डीएम ब्रह्म देव राम तिवारी कहते हैं कि हमारे जिले में कुल 11 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित थे। इनमें से 1 का पूरी तरह उपचार किया गया और वह अब ठीक भी हो गया है।

कानपुर डीएम ने आगे बताया कि जिले में तकरीबन तीन हजार लोगों ने पलायन किया। इन सभी को क्वारंटीन किया गया है। जिले में हर शख्स पर करीब से नजर रखी जा रही है ताकि कोई भी अव्यवस्था न फैले। हमें स्थानीय लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। हम इस परिस्थिति में लोगों से अपील कर रहे हैं कि सभी बहुत सजगता और सुरक्षा के साथ रहें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें ताकि कोरोना को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।

जानकारी के मुताबिक, अब गौर किया जाए उत्तर प्रदेश में कुल संक्रमित लोगों की संख्या पर तो यहां कोरोना से ग्रस्त लोगों का आंकड़ा 400 को पार कर चुका है। देश की बात की जाए तो भारत में 5800 से ज्यादा लोग इस गंभीर वायरस की चपेट में आ चुके हैं।

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