india

दिल्ली विधानसभा चुनाव से 4 दिन पहले BJP ने खेला बड़ा दांव, जो उठा देगा सबकी नींद

दिल्ली विधानसभा चुनाव होने में सिर्फ चार दिन ही बाकी रह गए हैं। वोटबैंक अपनी ओर खींचने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां पूरी जी-जान झौंक रही हैं। इसी बीच दिल्ली के द्वारका इलाके में प्रधानमंत्री मोदी और हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चुनावी रैली की। बीजेपी की इस रैली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हुए। जेपी नड्डा ने कहा कि वोटिंग से 4 दिन पहले बीजेपी के पक्ष में ऐसा माहौल कई लोगों की नींद उड़ा रहा है। कल पूर्वी दिल्ली में और आज यहां द्वारका में ये साफ हो गया है कि 11 फरवरी को क्या परिणाम आने वाले हैं। नड्डा ने कहा कि दिल्ली को बदलने के लिए राष्ट्रहित के भाव को बुलंद रखने के लिए आपके इस जोश और जुनून को मैं आदर पूर्वक नमन कर करता हूं।

रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली के ये चुनाव, इस दशक का पहला चुनाव है। ये दशक, भारत का दशक होने वाला है और भारत की प्रगति उसके आज लिए गए फैसलों पर निर्भर करेगी। आज एक तरफ इन फैसलों को लेने वाला पक्ष है और दूसरी तरफ इन फैसलों के खिलाफ खड़ा विपक्ष है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि दिल्ली और देश के हित में इस बार एकजुट, एक स्वर, पूरी ताकत के साथ हमें खड़े होना है। दिल्ली को दोष देने वाली नहीं, दिशा देने वाली सरकार चाहिए। दिल्ली को रोड़े अटकाने वाली और नफरत फैलाने वाली राजनीति से मुक्ति चाहिए। मोदी ने कहा कि दिल्ली को उलझाने वाली नहीं, सुलझाने वाली राजनीति चाहिए। दिल्ली को विकास की योजनाएं रोकने वाला नहीं, सबका साथ-सबका विकास पर विश्वास करने वाला नेतृत्व चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं को लागू करने से दिल्ली सरकार ने मना कर दिया है। दिल्ली के गरीबों का क्या गुनाह है, जो उन्हें 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलता? दिल्ली में ऐसी बेदर्द सरकार बैठी है जिसे दिल्ली वालों की जिंदगी की परवाह नहीं है। दिल्ली के बेघर लोगों का क्या अपराध है कि उन्हें पीएम आवास योजना के तहत अपना घर नहीं मिलता? मोदी ने यह भी कहा दिल्ली के किसानों का क्या कसूर है जो उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलता। दिल्ली के यात्रियों का क्या कसूर है, जो मेट्रों के चौथे चरण के विस्तार को दो साल तक मंजूरी नहीं दी गई। पिछले 5 साल में केंद्र सरकार ने जिस स्पीड और स्केल से काम किया है, वो अपने आप में अभुतपूर्व है। स्वतंत्रता के बाद से कभी भी इतनी तेजी से काम नहीं हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *