india

निजामुद्दीन मरकज की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की पूरी टीम कोरोना पॉजिटिव

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुटी क्राइम ब्रांच के एक-एक कर पांच पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए हैं। संक्रमण का खुलासा होने के बाद जांच से जुड़ी टीम के करीबन सभी सदस्यों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए अब क्राइम ब्रांच की दूसरी यूनिट के सदस्यों को इस जांच टीम का हिस्सा बनाया गया है। जांच टीम के पांच सदस्यों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद यह माना जा रहा था कि इससे जांच पर असर पड़ेगा।

वहीं, जांच टीम के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि हमने अपनी क्राइम ब्रांच की दूसरी यूनिट के कुछ और सदस्यों को इस जांच से जोड़ दिया है। हम पूरी एहतियात बरतते हुए इस मामले की जांच आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि संक्रमण का खतरा किसी अन्य पुलिसकर्मी तक नहीं पहुंचे। मरकज मामले की जांच में जुटी पुरानी टीम के जो पांच पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, उन्हें अब एम्स की झज्जर स्थित यूनिट में भर्ती कराया दिया गया है। पहले इन सभी का दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर इलाज शुरू किया गया था।

मरकज मामले की जांच के दौरान पांच पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमित होने के बाद से नए समीकरण के तहत तीन अलग-अलग टीमों को अलग-अलग पहलुओं की जांच में लगाया गया है। इतना ही नहीं तीनों टीमों को एक दूसरे से अलग भी कर रखा जा रहा है, ताकि इसमें से कोई भी अब संक्रमण का शिकार न हो। वहीं जांच के दौरान संक्रमण से बचने के सभी आवश्यक उपाय करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

मरकज मामले की जांच से जुड़ी पुरानी टीम के करीब दस से ज्यादा पुलिसकर्मियों को होटल में क्वारंटाइन कर दिया गया है। हालांकि, जांच की शुरुआत होने के बाद भी इन्हें एहतियातन बाहर रहने की ही व्यवस्था की गई थी, लेकिन अब टीम के 5 सदस्यों को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर इन्हें एक होटल में पूरी तरह से क्वारंटाइन कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ चार दिन पहले साद के बेटे से हुई पूछताछ के दौरान पर स्पष्ट तौर पर क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर यह बोल दिया है कि मौलाना जल्द से जल्द एम्स या सरकारी मान्यता प्राप्त किसी जांच केंद्र से कोरोना का टेस्ट कराएं और उसकी रिपोर्ट पुलिस को सौंपे। माना जा रहा है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते ही क्राइम ब्रांच मौलाना साद से बिना सरकारी टेस्ट रिपोर्ट सीधे तौर पर पूछताछ नहीं करेगी।

मरकज मामले की जांच में होने वाली प्रगति की रिपोर्ट को लेकर जो रोजाना स्तर पर विश्लेषण होता था, उसके लिए होने वाली बैठक की जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। जांच से जुड़े टीम के सदस्य अब आपस में मिलने की बजाए फोन या वॉट्सऐप के संपर्क में रह रहे हैं। वहीं, अधिकारियों को जांच से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट देने के लिए वह उनके साथ निर्धारित की जाने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ रहे हैं। इतना ही नहीं मरकज और आसपास के इलाके में या उससे जुड़ी किसी अन्य जगह पर जाने वाले क्राइम ब्रांच के सदस्यों को भी यह साफ तौर पर बोल दिया गया है कि वे पीपीई किट से लैस होकर पूरी सावधानी के साथ ही किसी जगह पर छापेमारी करें और पूछताछ भी करनी है तो आवश्यक एहतियात का पूरा ख्याल रखें, जिससे अन्य किसी को संक्रमण होने की आशंका न रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *