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निर्भया केस की सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह हुए आगबबूला, और कर दिया ये काम…

निर्भया कांड को सात साल से ज्यादा समय हो गया है लेकिन निर्भया के दोषियों को अभी तक फांसी नहीं दी गई है। लेकिन इस बार निर्भया के दोषियों की नई फांसी की तारीख जारी करने का रास्ता सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि अब दोषियों को जल्द फांसी होगी। बता दें कि बीते डेढ़ महीने में जिस तरह दो बार दोषियों की फांसी टल चुकी है उससे निर्भया के परिवार वाले काफी आहत हैं। वहीं, इस दौरान एक समय आया था जब निर्भया के वकील और दोषियों के वकील में कोर्ट के अंदर ही तेज बहस हो गई थी। इस दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह ने भड़कते हुए अदालत में काफी कुछ कहा। जानिए ऐसा क्या हुआ था जो दोषियों के वकील एपी सिंह इतना भड़क गए।

गौरतलब है कि गुरुवार (13 फरवरी) को जब दोषियों के डेथ वारंट पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हो रही थी तो निर्भया के वकील जितेंद्र झा ने दोषियों द्वारा अपनाई जा रही देर करने की प्रवृत्ति पर अंगुली उठाई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के वकील में बड़ी बहस हुई। जितेंद्र झा ने अदालत में कहा कि जेल में बैठे अपराधी बहुत आराम से हैं, वह कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं। जितेंद्र झा ने आगे कहा कि निर्भया के गुनहगार जेल में एंजॉय कर रहे हैं।

जितेंद्र झा ने आगे कहा कि अदालत यह भी सुनिश्चित करे कि दोषी कानून से खिलवाड़ न करें और न ही उसे हल्के में लें। उन्होंने कहा कि अगर दोषियों का डेथ वारंट जल्द जारी नहीं होता है तो वह जेल में लग्जरी सुविधाओं का मजा लेते रहेंगे। जितेंद्र झा की इतनी बात सुनते ही दोषियों के वकील एपी सिंह भड़क उठे। गुस्से में उन्होंने कई दलीलें दीं। एपी सिंह ने कहा कि 6 जनवरी 2019 को जब से अदालत अवकाश के बाद खुली है लगातार सुप्रीम कोर्ट से लेकर पटियाला हाउस कोर्ट तक में सुनवाई हो रही है। उन्होंने पूछा कि बताइए फिर कैसे कहा जा सकता है कि दोषी केस लंबित कर रहे हैं?

एपी सिंह ने नाराज होते हुए पूछा कि निर्भया के वकील कह रहे हैं कि हम जेल में एंजॉय कर रहे हैं। मैंने आज तक के अपने करियर में कभी फांसी की सजा पाए दोषी को जेल में एंजॉय करते नहीं देखा है। आप इस तरह की भाषा उन लोगों के लिए कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं जो दर-दर अपनी फांसी की सजा की माफी के लिए भीख मांग रहे हों। आप कह रहे हैं वो एंजॉय कर रहे हैं ये भद्दा मजाक है। इसके बाद दोनों वकीलों के बीच तीखी बहस हुई जिसमें खुद जज को बीच-बचाव करना पड़ा।

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