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बसों की एंट्री को लेकर कांग्रेस-BJP में घमासान जारी, प्रियंका का योगी सरकार पर हमला

गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन पार्ट-4 के ऐलान के साथ कुछ रियायतें भी दी हैं। लॉकडाउन पार्ट-4 में बसों को चलाने का ऐलान किया गया है। लेकिन उत्तर प्रदेश में बसों की एंट्री को लेकर कांग्रेस और योगी सरकार आमने-सामने है। एक ओर जहां आगरा में राजस्थान सीमा पर कांग्रेस के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए तो वहीं अब पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हद कर दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन बसों पर आप चाहें तो बीजेपी का बैनर लगा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगा दीजिए लेकिन हमारे सेवा भाव को मत ठुकराइए।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हद कर दी। जब राजनीतिक परहेजों को परे करते हुए त्रस्त और असहाय प्रवासी भाई-बहनों को मदद करने का मौका मिला तो दुनिया भर की बाधाएं सामने रख दिए।

प्रियंका गांधी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन बसों पर आप चाहें तो बीजेपी का बैनर लगा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगा दीजिए लेकिन हमारे सेवा भाव को मत ठुकराइए, क्योंकि इस राजनीतिक खिलवाड़ में तीन दिन व्यर्थ हो चुके हैं। इन्हीं तीन दिनों में हमारे देशवासी सड़कों पर चलते हुए दम तोड़ रहे हैं।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यूपी सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जांच में सही पाई गईं। ऊंचा नागला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 बसों से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है। वहीं, दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुंच रही हैं। कृपया इन 879 बसों को तो चलने दीजिए। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि हम आपको कल 200 बसें की नई सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे। बेशक आप इस सूची की भी जांच कीजिएगा। लोग बहुत कष्ट में हैं, दुखी हैं, हम और देर नहीं कर सकते।

जानिए…क्या है पूरा मामला?

प्रियंका गांधी ने 16 मई को ट्वीट कर कहा था कि हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई-बहन बिना खाए भूखे-प्यासे पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं। यूपी के हर बॉर्डर पर बहुत मजदूर मौजूद हैं। ऐसे में प्रिंयका ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें भेजने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी। पहले योगी सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया था, लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासन ने प्रियंका के कार्यालय से 1000 बसों और चालकों के विवरण की मांग की थी।

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