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बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM की एंट्री, RJD के मुस्लिम वोट बैंक पर लग सकता है ब्रैक!

बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कर ली है। कोई भी पार्टी जनता को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सभी राजनीतिक दल पूरे जोरो-शोरो से चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस चुनाव के लिए ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी पार्टी को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इस क्रम में अब एआईएमआईएम और समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक (एसजेडीडी) के बीच गठबंधन तय हो गया है। जिससे बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार चुनाव के लिए एआईएमआईएम और समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक के बीच गठबंधन तय हुआ है। यूडीएसए गठबंधन देवेंद्र प्रसाद यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा। ऐसी पार्टियां, जो साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ना चाहते हैं उनका स्वागत है। वहीं, बिहार में यादव और मुस्लिम आरजेडी का वोट बैंक माना जाता है, ऐसे में एआईएमआईएम और एसजेडीडी के साथ आने से आरजेडी के वोट बैंक में सेंधमारी हो सकती है।

ओवैसी ने कहा कि हमारे बारे में पुराना रिकॉर्ड बताता है कि हम किसी से नहीं डरते हैं। हम चुनाव लड़ेंगे। लोकसभा में आरजेडी ने कितनी सीट जीती है। किशनगंज में अगर हमारी पार्टी नहीं खड़ी तो कांग्रेस वहां से नहीं जीत पाती। बीजेपी अगर जीत रही है तो उसकी जिम्मेदार आरजेडी है। हैदराबाद में मैंने बीजेपी को हराया, शिवसेना को हराया। महागठबंधन अब नहीं रहा।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस आज शिवसेना की गोद में बैठी है। कांग्रेस खुद को धर्मनिरपेक्षता का ठेकेदाक समझती है। कांग्रेस की सोच सामंती है। कांग्रेस की गलत नीतियों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी पहले ही बिहार विधानसभा चुना 2020 लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। सितंबर महीने की शुरुआत में ओवैसी की पार्टी ने बिहार चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया था। एआईएमआईएम 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का पहले ही ऐलान कर चुकी है।

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