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भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर चीन का बड़ा बयान

चीन के वूहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस दुनिया के कई देशों में तबाही मचा चुका है। अमेरिका भी कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित है। भारत में भी कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। भारत और चीन के बीच लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर तनाव कायम है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर जारी गतिरोध के बीच चीन का बड़ा बयान आया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि भारतीय सीमा पर हालात ‘कुल मिलाकर स्थिर और नियंत्रण’ में है।

बता दें कि कोरोना काल में बीते कुछ दिनों से लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास कई इलाकों में भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति है। दोनों ओर से सेना तैनात है। चीन ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ सीमा पर स्थिति ‘कुल मिलाकर स्थिर और नियंत्रण में है’ और दोनों देशों के पास बातचीत और परामर्श के माध्यम से मुद्दों को हल करने के लिए उचित तंत्र और संचार माध्यम हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की यह टिप्पणी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में आई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन ने कहा कि सीमा से संबंधित मुद्दों पर चीन का रुख स्पष्ट और सुसंगत है। उन्होंने कहा कि हम दोनों नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति और दोनों देशों के बीच हुए समझौते का सख्ती से पालन करते रहे हैं। वह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो अनौपचारिक बैठकों के बाद उनके उन निर्देशों का जिक्र कर रहे थे, जिनमें उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं को परस्पर विश्वास पैदा करने के और कदम उठाने के लिए कहा था।

वहीं, भारत ने पूर्वी लद्दाख के तनाव वाले इलाके में चीन के साथ गतिरोध से अब पीछे न होने का फैसला कर लिया है। काराकोरम दर्रा और इस क्षेत्र में तैनात चीनी सैनिकों का मुकाबला करने के लिए भारत ने सैनिकों को तैनात कर दिया है। यह जानकारी इस मामले से परिचित लोगों ने नाम न जाहिर होने की शर्त पर दी। बता दें कि बीते दिनों चीन ने यहां वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लंघन किया था और भारतीय सैनिकों से झड़प की थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत ने यह फैसला भारतीय क्षेत्र में किसी भी तरह की चीनी घुसपैठ और भारतीय इलाके में स्थिति परिवर्तन की कोशिशों को नाकाम करने के उद्देश्य से लिया है। मजबूती और संयम के साथ चीनी चुनौती का सामना करने के लिए ही भारत ने भी अपनी सेना की संख्या बढ़ा दी है।

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