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मोदी कैबिनेट ने लिए ये 3 बड़े फैसले…

दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा के चौथे दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कैबिनेट ने नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन को मंजूरी दे दी है। टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन के साथ-साथ कैबिनेट ने सरोगेसी एमेंडमेंट एक्ट को भी मंजूरी दी गई। इसके जरिए सरोगेसी कानून को और सख्त बनाना है। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के दो इंस्टीट्यूट को राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा देने पर भी फैसला हुआ है।

कैबिनेट बैठक में नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन को मंजूरी मिल गई है। इस मिशन से देश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को राहत मिलेगी। आपको बता दें कि 1 फरवरी, 2020 को पेश हुए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन की घोषणा की थी।

भारत हर साल करीब 1600 करोड़ डॉलर (करीब 1.13 लाख करोड़ रुपए) के टेक्निकल टेक्सटाइल इम्पोर्ट करता है। आयात में कटौती के लिए इस मिशन पर 1,480 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। आपको बता दें कि टेक्निकल टेक्सटाइल का इस्तेमाल अलग-अलग सेक्टर में किया जाता है यानी मेडिकल सेक्टर्स से लेकर एग्री सेक्टर में भी इसका इस्तेमाल होता है। अगर आसान शब्दों में कहें तो टेक्नोलॉजी के जरिए ऐसे प्रोडक्ट बनाए जाते है उस सेक्टर को बढ़ावा देने में मदद करते है।

क्या है नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन?
टेक्सटाइल में नए अनुसंधान कर कई तरह के बहुपयोगी वस्त्र बनाने को टेक्निकल टेक्सटाइल कहा जाता है। यह कपड़ा सड़क निर्माण, बाढ़ अवरोधक, अग्निरोधक, एंटीबेक्टिरियल, मेडीकल, कृषि उद्योग में ग्रीन हाउस, पेकेजिंग टेक्सटाइल, स्पोट्र्स टेक्सटाइल आदि के लिए बनाया जा रहा है। इसमें वेल्यू एडीशन से उत्पादकों को फायदा मिल रहा है।

फूड प्रोसेसिंग कारोबार को बढ़ावा देने की तैयारी

भारत दुनियाभर में फल और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। हालांकि उत्पादन के 10 फीसदी से कम की ही प्रोसेसिंग हो पाती है। जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थ बड़ी मात्रा में बर्बाद हो जाते हैं। सरकार पिछले कुछ साल में ऐसे खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश लाने पर ध्यान दे रही है। इससे देसी और वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। योजना का मकसद ग्रामीण स्तर पर प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना और किसानों की आय दोगुनी करना है।

क्या होती है सरोगेसी?

कोई भी शादीशुदा कपल बच्चा पैदा करने के लिए किसी महिला की कोख किराए पर ले सकता है। सरोगेसी से बच्चा पैदा करने के पीछे कई वजहें हैं जैसे कि अगर कपल के अपने बच्चे नहीं हो पा रहे हों, महिला की जान को खतरा है या फिर कोई महिला खुद बच्चा पैदा ना करना चाह रही हो।

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