health

रूस के बाद अब इस देश ने भी तैयार कर ली CORONA की वैक्सीन, जानिए…कब तक आयेगी बाज़ार में?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया था कि रूस ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है। लेकिन ये वैक्सीन बाज़ार ने आने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई। अब चीन ने भी कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक,  दवा कंपनी सिनोफार्म (Sinopharm) द्वारा बनाई गई ये वैक्सीन आम लोगों के लिए बाजार में दिसंबर के अंत तक आ जाएगी। दो डोज के लिए इस वैक्सीन की कीमत 1000 युआन (10780 रूपए) से कम तय की गई है। कहा जा रहा है कि बाजार में आने के बाद इसकी कीमत और कम हो जाएगी।

चीन के राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल ग्रुप (सिनोफार्म) के चेयरमैन लियू जिंगजेन ने कहा कि तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल पूरा होने के बाद इसकी मार्केटिंग समीक्षा की जाएगी। लियू ने कहा कि इसके दो डोज की कीमत 1000 युआन से कम होगी। उन्होंने कहा कि ये वैक्सीन चीन के सभी नागरिकों पर नहीं लगाई जाएगी। लियू जिंगजेन का सुझाव है कि छात्र और जो लोग शहरों में रह रहे हैं उन्हें ये इंजेक्शन लेने की जरूरत है जबकि छोटी आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ये वैक्सीन लेने की जरूरत नहीं है। बीजिंग और वुहान में सिनोफार्मा की दो अलग-अलग वैक्सीन बनाई जा रही हैं। तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के लिए ये वैक्सीन जून के महीने में यूएई भेज दी गई थी।

लियू ने खुद भी इन दोनों वैक्सीन में से एक वैक्सीन की दो डोज ली है। लियू ने कहा उन्हें कोई साइड इफेक्ट महसूस नहीं हुआ है। बीजिंग में इस वैक्सीन की 12 करोड़ डोज बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले सिनोफार्म कंपनी ने दावा किया था कि इम्यून रिस्पॉन्स ट्रायल में उसकी वैक्सीन के अच्छे नतीजे देखने को मिले हैं। सिनोफार्म के शोधकर्ताओं का कहना है कि पहले और दूसरे चरण के ट्रायल में इसके सुरक्षित और इम्यूनिटी को बढ़ाकर एंटीबॉडी जेनरेट करने के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब रेगुलेटरी मंजूरी के लिए इसकी एडवांस लेवल पर टेस्टिंग की जाएगी।

इससे पहले चीन की कैनसिनो कंपनी की कोरोना वैक्सीन Ad5-nCoV को पेटेंट मिल चुका है। कैनसिनो कोरोना वायरस वैक्सीन का पेटेंट हासिल करने वाली पहली चीनी कंपनी बन गई है। चीन की वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल पाकिस्तान में भी किया जाएगा। पाकिस्तान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने बताया कि उसे चीन की CanSinoBio और बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी द्वारा बनाई गई वैक्सीन के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। एक बयान में NIH ने कहा कि यह पाकिस्तान में किसी भी वैक्सीन का पहला तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल होगा।

CanSinoBio के क्लिनिकल ट्रायल चीन, रूस, चिली, अर्जेंटीना और सऊदी अरब में पहले से ही चल रहे हैं। पाकिस्तान की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि ये क्लिनिकल ट्रायल NIH के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल आमेर इकराम की देखरेख में होगा। पाकिस्तान के एजेएम फार्मा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदनान हुसैन ने वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल को लेकर एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।

पाकिस्तान हेल्थ रिसर्च काउंसिल की नेशनल बायोएथिक्स कमेटी ने क्लिनिकल ट्रायल की स्टडी के लिए भी मंजूरी दे दी है। NBC का कहना है कि हमारे यहां होने वाले क्लिनिकल ट्रायल पर पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर रहेगी। बता दें कि रूस भी कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन Sputnik V लॉन्च कर चुका है। रूस का दावा है कि ये वैक्सीन लेने में 20 देशों ने दिलचस्पी दिखाई है जिसमें भारत भी शामिल है। Sputnik V कोरोना वायरस के लिए दुनिया की पहली रजिस्टर्ड वैक्सीन बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *