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लॉकडाउन 5.0: आज से बदले यात्रा करने के नियम, जानिए…क्या हैं ये नियम?

देश में कोरोना काल चल रहा है। इसी को लेकर सरकार ने 23 मार्च से देश में लॉकडाउन लागू किया है। 1 जून यानि आज से देश में लॉकडाउन 5.0 शुरू हो गया है। जो 30 जून तक चलेगा। सरकार ने लॉकडाउन 5.0 का ऐलान करने के साथ ही कुछ नई गाइडलाइन भी जारी की हैं। सरकार ने लॉकडाउन पार्ट 5 में काफी रियायतें दी हैं। जिसे लोग अनलॉक 1.0 का भी नाम दे रहे हैं। अगर आप एक यात्री हैं, चाहें बस, ट्रेन, या निजी वाहन या नौकरीपेशा वाले हैं। तो जानिए आज से क्या हैं आपके लिए नियम?

  • देश में अभी श्रमिक ट्रेनों, स्पेशल ट्रेनों के अलावा आज से 200 नॉन एसी ट्रेनें चलेंगी। इनके लिए काउंटर, ऑनलाइन टिकट मिल पाएंगे।
  • रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के वक्त से कुछ देर पहले आना होगा। यात्रा के दौरान मास्क पहनना जरूरी होगा, स्टेशन पर पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
  • देश में अब सार्वजनिक बसों की शुरुआत होगी, यानी राज्य परिवहन की बसें चल पाएंगी। इसके लिए पूरे राज्य में घूमना, या एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना आसान होगा।
  • अब बिना किसी पास या इजाजत के किसी भी राज्य में जाया जा सकता है।
  • उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रदेश परिवहन को मंजूरी दी है। बसों में मास्क पहनना जरूरी होगा, बसों को बार-बार सैनिटाइज़ किया जाएगा। बस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो इसकी जिम्मेदारी ड्राइवर और कंडक्टर की होगी।
  • उत्तर प्रदेश में सोमवार सुबह आठ बजे से एक जिले से दूसरे जिले, जिले के अंदर की बस सेवा को शुरू किया गया है। दिल्ली में पहले से ही डीटीसी की बसें चालू हैं और सिर्फ 20 लोगों को बैठने की इजाजत है।
  • निजी वाहनों को लेकर अब पूरी तरह से इजाजत मिल गई है। दो पहिया वाहन पर हेल्मेट, मास्क लगाना जरूरी है। अलग-अलग राज्यों ने अभी टू व्हीलर पर एक, महिला समेत दो लोगों को बैठने की इजाजत दी है।
  • चार पहिया वाहन में 1+2 के नियम से इजाजत दी गई है। यानी ड्राइवर के अलावा गाड़ी में दो लोग बैठ पाएंगे, हालांकि अगर बच्चे हैं तो उन्हें छूट मिल पाएगी।
  • ओला, उबर जैसी कैब और टैक्सी सर्विस में भी ये नियम लागू होगा। ड्राइवर-यात्री को मास्क पहनना जरूरी, गाड़ी बार बार सैनिटाइज़ करनी होगी।
  • तमाम छूट के बावजूद अभी दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गाजियाबाद का बॉर्डर नहीं खुला है। यहां बढ़ते मामलों को लेकर ये फैसला लिया गया है।

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