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वित्त मंत्री ने राहत पैकेज पार्ट-4 में भी किए ये बड़े ऐलान, इस सेक्टर में मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज को लेकर एक बार फिर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर की। वित्त मंत्री ने औद्योगिक आधारभूत ढांचों का अपग्रेडेशन, कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयरस्पेस मैनजमेंट, एयरपोर्ट्स, एमआरओ (मेंटनेंस, रिपेयर-ओवरहॉल), केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुधारों का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को मौका दिया जाएगा। ISRO की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा से संबंधित सुधारों पर काम किया जाएग। कैंसर के क्षेत्र में भारत ने दुनियाभर को दवाइयां भेजीं। इसमें आगे प्रगति होगी। मेडिकल इक्विपमेंट के उत्पादन को बढ़ाने के लिए पीपीपी मोड से कंपनियां बनेंगी और इससे मानवता की सेवा को बल मिले। मेडिकल आइसोटोप के लिए पीपीपी नीति से उत्पादन होगा। रेडिएशन टेक्नॉलजी के माध्यम से भंडारण को बढ़ाया जाएगा। इसका फायदा कृषि क्षेत्र को मिलेगा। भारत के युवाओं ने दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। इस सेक्टर में स्टार्टअप को आगे बढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली कंपनियों का निजीकरण होगा। इससे विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रीपेड बिजली के मीटर लगाए जाएंगे। सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 8100 करोड़ रुपये का ऐलान किया गाय है। बिजली क्षेत्र में सब्सिडी डीबीटी के जरिए दी जाएगी।

वहीं, वित्त मंत्री ने बताया कि सिविल एविएशन सेक्‍टर के लिए 3 बड़े कदम उठाए गए हैं। समय और फ्यूल की बचत के लिए उपाय किए जा रहे हैं। दो महीने के अंदर यह काम किया जाएगा। इससे करीब 1,000 करोड़ की बचत होगी। 6 और एयरपोर्ट्स की नीलामी होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यह काम करेगी। इस तरह कुल 12 एयरपोर्ट की नीलामी पूरी होगी। कुल 12 एयरपोर्ट में 13 हजार करोड़ का निवेश आएगा। बता दें कि 6 एयरपोर्ट की नीलामी पहले से ही प्रक्रिया में है। यही नहीं, तीसरे चरण के लिए 6 एयरपोर्ट नीलामी की तैयारी चल रही है। मेंटनेंस एंड रिपेयर के लिए भारत में एमआरओ डेवलप करने की कोशिश होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि डिफेंस प्रोडक्शन होगा। सरकार ऐसे हथियार, वस्तुओं, स्पेयर्स को नोटिफाइ करेगी जिसमें आयात को बैन किया जाएगा और उनकी स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी। सरकार अलग से बजट भी लाएगी। रक्षा उत्पादन में FDI की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई है। ऑर्डिनंस फैक्ट्री का कॉर्पोरेटाइजेशन होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि मिनरल्स यानी खनिज क्षेत्र में भी होगा सुधार। अन्वेषण से लेकर उत्पादन तक निर्बाध प्रक्रिया होगी। ज्वाइंट ऑक्‍शन होगा। इसके अलावा कैप्टिव और नॉन कैप्टिव माइंस की परिभाषा बदलेगी। एक मिनरल इंडेक्स बनेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया के सबसे ज्‍यादा कोयला भंडारण करने वाले देशों में हम आते हैं लेकिन फिर भी क्षमता का दोहन नहीं कर पाते हैं। जिसमें बदलाव किया जाएगा ताकि ओपन ऑक्‍शन हो सकेगा। इससे निजी क्षेत्र की एंट्री होगी। देश की इकोनॉमी को बल मिलेगा। लगभग 50 ब्‍लॉक्‍स नीलामी के लिए रखे जाएंगे। कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने भी प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी। जिसमें पात्रता की कोई बड़ी शर्त नहीं है। कोल सेक्‍टर में कॉमर्शिलय एंट्री से खनन ज्‍यादा हो पाएगा और सरकार का एकाधिकार खत्म होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि पॉलिसी सुधार फास्ट ट्रैक इनवेस्टमेंट के लिए मेक इन इंडिया ने लोगों की सोच को बदला है। यह आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद बना है। हमें अपने उत्पादों को विश्वसनीय बनाना होगा जिससे पूरा विश्व यकीन करे।

  1. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को एक आकर्षक निवेश केंद्र बनाएंगे।
  2. वित्त मंत्री ने कहा कि आज का ऐलान स्‍ट्रक्‍चरल रिफॉर्म से जुड़ा होगा।
  3. वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी का सुधारों को लेकर बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है। आज डायरेक्ट ट्रांसफर लोगों को फायदा दे रहा है। जीएसटी से कर देना आसान हुआ है।

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