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विशाखापट्टनम केस- जानिए…कितनी खतरनाक होती है स्टीरीन गैस, जिससे चली गई इतने लोगों की जान

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार सुबह एक केमिकल प्लांट से स्टीरीन (जहरीली गैस) का रिसाव होने के कारण एक बच्चे समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। इस इलाके के लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने की शिकायत की है। मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी निगरानी रख रहे हैं। बता दें कि स्टीरीन बेंजीन का यौगिक है और प्लास्टिक पेंट बनाने में काम आती है। इस गैस के संपर्क आने से व्यक्ति के नर्वस सिस्टम पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। इस गैस से तीन से चार किमी तक का इलाका प्रभावित हुआ है।

एनडीआरएफ के डॉयरेक्टर जनरल एसएल प्रधान ने बताया कि ये गैस, सेंट्रल नर्वस सिस्टम, गले, आंखों और शरीर के अलग-अलग भागों पर भी यह प्रभाव डालती है। यह बहुत ज्वलनशील गैस है जो जलने पर जहर बन जाती है। एक्सपर्ट की मानें तो इस गैस से प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द इलाज मिलना चाहिए। यह बहुत खतरनाक है और इस गैस के रिसाव से संपर्क में आने से त्वचा में चकते, आंखों में जलन, उल्टी, बेहोशी, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार स्टीरीन का इस्तेमाल पॉलिस्टीरीन प्लास्टिक बनाने, फाइबर ग्लास, रबड़ बनाने में होता है। इसके अलावा पाइप बनाने, ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाने, प्रिंटिग और कॉपी मशीन, टोनर, फूड कंटेनर्स, पैकेजिंग का सामान, जूतों, खिलौनों, फ्लोर वैक्स, पॉलिश में होता है। सिगरेट के धुएं और वाहनों के धुएं में भी स्टीरीन गैस होती है। वहीं, ये प्राकृतिक तौर पर ये कुछ फलों सब्जियों, नट्स और मीट में भी पाई जाती है।

कम समय के लिए अगर इस गैस का रिसाव हो तो आंखों में जलन जैसे नतीजे सामने आते हैं, वहीं लंबे समय तक गैस में रहने से यह बच्चों और बूढ़ों पर टॉक्सिक प्रभाव डालती है। स्टीरीन गैस से इंसानों में सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है, इसमें सिरदर्द, कमजोरी, डिप्रेशन जैसे प्रभाव देखने को मिलते हैं। बच्चों और सांस के मरीजों के लिए बहुत खतरनाक है।

संयंत्र से तीन किलोमीटर के दायरे में जहरीली गैस के फैल जाने से आर आर वेंकटपुरम, पदमापुरम, बी सी कॉलोनी और कमपारापलेम सहित पांच गांव प्रभावित हुए हैं। जहरीली गैस से प्रभावित गांवों को खाली करा लिया गया है। इस जहरीली गैस के संपर्क में आने से कई गाय, कुत्ते और अन्य जानवारों की भी मौत हो गई हैं। ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम ने ट्वीट किया कि गोपालपटना में एलजी पॉलिमर में गैस रिसाव हुआ है। इन स्थानों के आसपास रहने वाले नागरिकों से अनुरोध है कि वे सुरक्षा कारणों से घर से बाहर न निकलें। अधिकारियों का कहना है कि रिसाव का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया है और बचाव अभियान अभी जारी है।

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