10वीं के छात्र ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- “जब सुशांत राजपूत सुसाइड कर सकता है तो….”

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के खुदकुशी करने की ख़बर सुनकर हर कोई सन्न है। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है कि सुशांत खुदकुशी जैसा इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं। वहीं, 10वीं क्लास के एक छात्र ने भी ऐसा ही किया है। छात्र ने सुशांत की आत्महत्या की ख़बर देखी तो उसमें भी फांसी लगा ली। साथ ही सुसाइड नोट में लिखा कि जब सुशांत आत्महत्या कर सकता है तो मैं क्यों नहीं…। छात्र ने सुसाइड नोट में यह खुलासा किया है कि उसमें किन्नर वाले लक्षण थे, चेहरा लड़कियों की तरह लगता था और लोग हंसी बनाते थे। इसको लेकर वह परेशान रहता था। इसी वजह से उसने फांसी लगा ली।

उत्तर प्रदेश में बरेली के नेकपुर निवासी राजीव सक्सेना उत्तराखंड के टनकपुर के मूल निवासी हैं। उनकी पत्नी अनुपमा सक्सेना की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उनकी चंपावत में ही मोबाइल रिपेयर की दुकान है। लॉकडाउन लगने के बाद से वह बरेली में ही रह रहे थे। उनके साथ दो बेटे, बड़ा दसवीं का छात्र कार्तिक सक्सेना (16) और छोटा बेटा शुभ किराए के मकान में रहते थे। सोमवार को वह अपने मकान मालिक सुरेश के दामाद की रोडवेज पर मोबाइल की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान छोटे बेटे शुभ ने फोन पर कार्तिक के फंदे पर लटके होने की खबर दी। कार्तिक का शव कमरे में गमछे से लटका मिला। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा।

कार्तिक के शव के पास से मिले सुसाइड नोट को पढ़कर न सिर्फ पुलिस सन्न रह गई बल्कि पिता और करीबी भी दंग रह गए। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि, उसकी शक्ल लड़कियों जैसी लगती है। लोग हंसी उड़ाते हैं। अब तो उसे भी लगने लगा है कि वह किन्नर है। जिसके कारण आत्महत्या ही उसके लिए एक रास्ता बचा है। आगे लिखा है कि मैं एक अच्छा लड़का नहीं हूं और कुछ नहीं कर सकता है। उसके अंदर पिता की तरह कमाने की लगन नहीं हैं। वह एक सिंगर था और बच्चों को आर्ट सिखाना चाहता था। किन्नर के लक्षण होने के कारण अगर जीता तो अपने पिता के जीवन में ग्रहण बन जाता। जिसके कारण उसका मरना जरुरी है। लिखा है कि अगर परिवार में कोई लड़की जन्म ले तो समझ लेना वह उसका दूसरा जन्म हैं। उसने मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया।

कार्तिक ने सुसाइड नोट में उससे नफरत करने वालों को भी बुलाने को कहा है। लिखा है कि पापा मेरे दसवें में नानी लोग सबको बुलाना। जो इतनी नफरत करते थे। वो देखेंगे की मैं अब जिंदा नहीं हूं। इसके साथ ही उसने अंतिम इच्छा भी जाहिर की है और लिखा है कि बेटा समझते हैं तो उसे दफन न करें। उसका श्मशान में अंतिम संस्कार करें। अस्थियों को कछला में बहाया जाए। जहां पर मां की अस्थियां विसर्जित की थी। उसे भगवान का बुलावा आया और मम्मी के पास जाना है। अलविदा…।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *