सुप्रिया ने अजित पवार से क्या कहा जो बदल गया महाराष्ट्र का सियासी गणित

आज सुबह एनसीपी (NCP) विधायकों के शपथ ग्रहण के समय की तस्वीर ये बताने के लिए काफी ही पिछले चार दिनों में एनसीपी कितनी बदल गई है, हमेशा एनसीपी का चेहरा समझे जाने वोले पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) विधायकों के साथ मेटल डिटेक्टर से गुजरते हुए आ रहे हैं और उनके स्वागत में खड़ी हैं शरद पवार (Sharad Pawar) के बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule), ये तस्वरी ये बताती है इन चार दिनों में सिर्फ महाराष्ट्र की राजनीति ही नहीं बदली है, बल्कि जो सबसे ज्यादा बदली है वो है एनसीपी की राजनीति. कल तक महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में शरद पवार का उत्तारधिकारी समझे जाने वाले अजित पवार (Ajit Pawar) हाशिये पर खड़े दिखे और राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहने वाली सुप्रिया सुले एनसीपी का चेहरा बनते दिखीं, साफ है इन चार दिनों में सुप्रिया ने महाराष्ट्र एनसीपी की राजनीति अपने हाथों में ले ली है. जानकारों का दावा है कि सब कुछ शरद पवार की स्क्रिप्ट थी. लेकिन क्या बिना सही किरदार से सिर्फ स्क्रिप्ट के सहारे हिट फिल्म दी जा सकती है.

मुश्किल समय में परिवार और पार्टी दोनों को संभाला
सुप्रीया सुले महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय चर्चा में आ गईं, जब उन्होंने शनिवार को देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के शपथ ग्रहण के बाद अपना वॉट्सऐप स्टेटस बदला, सुप्रिया ने इस बदलाव ने उन सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया जिसमें ये चर्चा हो रही थी अजित पवार के इस खेल के पीछे चाचा शरद पवार का हाथ है. हालांकि इसके कुछ देर बाद ही शरद पवार ने भी मीडिया के सामने बता दिया कि कुछ भी उनकी मर्जी से नहीं हुआ. लेकिन आगे जो होगा उनकी मर्जी से ही होगा, शरद पवार की राजीनीति के उन खिलाड़ियों में माना जाता है जो कभी भी राजनीति की दशा और दिशा बदल सकते हैं. लेकिन शनिवार सुबह जब अजित पवार के बीजेपी के साथ सरकार बनाने की खबर आई तो शरद पवार अकेले पड़ गए, वर्षों से जिस भतीजे के भरोसे पूरा महाराष्ट्र की राजनीति छोड़ रखी थी वो उन्हें धोखा देकर जा चुका था, जिन लोगों के सहारे वो महाराष्ट्र में सरकार बनाने और राजनीति की दिशा बदलने की बात कह रहे थे वो उन्हें शक की नजर से देख रहे थे. ऐसे में सुप्रिया सुले ने मोर्चा संभाला एक ओर जहां वो शरद पवार को पार्टी और परिवार टूटने के गम में सहारा दे रही थीं, वहीं दूसरी ओर राजनीति के मोर्चे पर डटकर खड़ी रहीं, शनिवार दोपहर से बुधवार तक सुप्रिया ने राजनीति की वो चाल चली जिसकी उम्मीद उनसे कोई नहीं कर रही था.

सुप्रिया ने मास्टर स्ट्रोक से कुछ घंटो में बदला सियासी गणित
मंगलावर दोपहर जब सरकार को लेकर सबसे ज्यादा दुविधा दिख रही थी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुप्रिया सुले ने अपना मास्टर स्ट्रोक चला दिया और एंट्री हुई राजनीति से कोसो दूर रहने वाले उनके पति सदानंद सुले की, खबर आई की सुप्रिया के पति सदानंद सुले अजित पवार से मुलाकात कर रहे हैं और उसके थोड़ी ही देर बाद अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. सदानंद सुले और अजित पवार में क्या बात हुई इसकी कोई जानकारी मीडिया के सामने नहीं आई है. लेकिन एक बात तो तय है कि सुप्रिया ने जो संदेशा अपने पति से अपने भाई के पास भेजवाया था उसका उतना ही असर हुआ जितना वो चाहती थीं. और महाराष्ट्र की राजनीति की तस्वीर बदलने का इंतजार खत्म हो गया. जिस फेरबदल के लिए बुधवार शाम 5 बजे तक की उम्मीद की जा रही थी, वो 24 घंटे पहले ही पूरा हो गया.

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