Categories
india News Politics

दिल्ली हिंसा पर PM नरेंद्र मोदी ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बातें….

दिल्ली में हिंसा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हिंसा में अब तक दिल्ली पुलिस के जवान सहित 20 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा के चार दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी तोड़ दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि शांति सेना की कोशिश की जा रही है। पुलिस और एजेंसियों की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट पर लिखा कि दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में छद्म स्थिति पर व्यापक समीक्षा की गई। पुलिस और अन्य एजेंसियां ​​शांति और सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर काम कर रही हैं। शांति और अभिव्यक्ति की कोशिशें जारी हैं। मैं दिल्ली की अपनी बहनों और मुसलमानों से हर समय शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करता हूं। यह महत्वपूर्ण है कि शांत हो और सामान्य स्थिति जल्द से जल्द बहाल हो।

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार, केजरीवाल सरकार से लेकर दिल्ली पुलिस तक पर हमला बोला था। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता नफरत की बोली बोल रहे हैं और सरकार ने कुछ नहीं किया है। उन्होंने पूछा कि गृह मंत्री अमित शाह रविवार से कहां थे। सोनिया ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हिंसा में अबतक 22 लोगों की मौत हो गई है। सरकार और पुलिस के एक्शन में आने के बाद भी आज फिर हिंसा भोर में। दिल्ली के गोकलपुरी में आगजनी हुई। अब भी राजधानी के चार इलाके में कर्फ्यू है। दिल्ली हिंसा पर आज सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाया, तो हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा का वीडियो दिखा कर सरकार और पुलिस का आईआईआर दिखाया।

Categories
india News

दिल्ली हिंसा: जानिए कौन है ये 8 राउंड फायरिंग करने वाला शख्स

नागिरकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में तीसरे दिन भी हिंसा जारी है। अब तक इस हिंसा में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, भजनपुरा, चांदबाग समेत कई इलाकों में उपद्रवियों ने पथराव किया और फिर घरों, दुकानों तथा वाहनों में आग लगा दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज भी किया।

सोमवार को जाफराबाद से एक वीडियो सामने आया जिसमें भीड़ में शामिल एक उपद्रवी पुलिसकर्मी की ओर पिस्टल तानता हुआ नजर आ रहा है। उसने बाद में उसने हवा में कई राउंड फायर भी किए। इसके बाद यहां हिंसा बेकाबू हो गई। सोमवार देर शाम पुलिस ने शख्स की पहचान कर ली। खबरों के मुताबिक, गोली चलाने वाले शख्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए शख्‍स का नाम शाहरुख बताया जा रहा है। पहचान होने के बाद से ही पुलिस इस शख्स की तलाश में जुटी हुई थी।

जानकारी के अनुसार, लाल रंग की टीशर्ट पहने इस व्यक्ति का नाम शाहरुख है जिसका वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो और फोटो में भी इस शख्स के हाथ में बंदूक साफ नजर आ रहा है और वह पुलिस वाले के सामने बढ़ता दिख रहा है। जब पुलिसकर्मी ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने वहीं गोली चला दी। बताया जा रहा है कि आरोपी शाहरुख ने 8 राउंड गोलियां चलाई। यह शख्स ऐंटी-सीएए ग्रुप का सदस्य है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्‌डी ने कहा कि ट्रंप के दौरे के समय हिंसा होना बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। गृह मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कांग्रेस और सीएए विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और सीएए विरोधियों को इस पर जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस ने दिल्ली में हिंसक झड़प मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘चुप्पी’ को लेकर सवाल उठाया और उनके इस्तीफे की मांग की है। पार्टी नेता राहुल गांधी ने लोगों से उकसावे के बावजूद संयम, करुणा और समझदारी दिखाने का अनुरोध किया। राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है, लेकिन हिंसा को कभी भी न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता है।

Categories
india News

दिल्ली हिंसा: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक महीने के लिए धारा-144 लागू, हिंसा में मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तीसरे दिन भी हिंसा जारी है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसक घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। सोमवार को सीएए को लेकर हुई हिंसा में जान गंवाने वाले सात लोगों में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतनलाल शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तक हिंसा में जान गंवाने वालों की संख्या चार थी। मंगलवार को यह संख्या बढ़कर सात हो गई। वहीं, 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

उपद्रवियों मंगलवार सुबह कई गाड़ियों समेत 5 बाइकों और दुकानों में भी आग लगा दी। वहीं, दुकानों में तोड़फोड़ के अलावा लूटपाट की भी खबरें आई हैं। गोकलपुरी टायर मार्केट की 20 दुकानें जलकर राख हो गई हैं। बता दें कि सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में काफी हिंसा हुई। इसके बाद दिल्ली में सात जगहों पर पथराव और आगजनी हुई।

वहीं, गृह मंत्रालय ने आंशका जताई है कि दिल्ली में हिंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के मद्देनजर करवाई गई है, ताकि जो इसमें शामिल हैं, वे व्यापक प्रचार हासिल कर सकें। इससे देश की छवि खराब होगी। दिल्ली पुलिस के अधिकारी गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंसा के मद्देनजर शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया।

Categories
india News Politics

कन्हैया कुमार ने PM मोदी और अमित शाह पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, कहा-‘छठी के दूध याद दिला देंगे’

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। कन्हैया ने बिहार के नालंदा में जनसभा को संबोधित हुए गुस्से भरे लहजे में अमित शाह को सीधे तौर पर ललकारते हुए कहा कि अगर धर्म के आधार पर किसी की भी नागरिकता ली जाएगी तो अमित शाह हम भी तुमको बता देते हैं कि हम बिहार की धरती के हैं। हम भी छठी के दूध याद दिला देंगे।

कन्हैया कुमार ने कहा कि तुम्हारी साजिशों का पर्दाफाश करेंगे। कहते हैं कि हम लोग नागरिकता देने के खिलाफ हैं। हम लोग नागरिकता देने के खिलाफ नहीं हैं, हम लोग धर्म के आधार पर यह देश का विभाजन करने की साजिश रची जा रही है, धर्म के आधार पर लोगों की नागरिकता और उनका अधिकार छीनने की साजिश रची जा रही है, उनके खिलाफ थे और है। कन्हैया ने पत्थर मारने वाले पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘पत्थर मारते हो, पत्थर को फूल समझकर खा लेंगे, डरना हमारे जहन में है ही नहीं।’

भाकपा नेता कन्हैया ने आगे कहा, ‘अब करीब-करीब देश के मुद्दे खत्म होते जा रहे हैं। विकास का ढोल भी मोदी जी का फूट गया है तो नया मुद्दा लाएंगे ना। बेरोजगारी हटाएंगे, कालाबाजारी का धन आएगा, किसान का कीमत दुगना होगा, यह सब सामान तो मोदी जी बेचकर आ गए। अब नया दुकान हुआ है तो नया सामान चाहिए ना। अमित शाह के मॉल में नया ऑफर चाहिए, सेल सेल सेल- 50 पर्सेंट की छूट तो अमित शाह को यह आइडिया आया कि असम की तरह पूरे देश में एनआरसी की घोषणा की कर दी जाए तो दिल्ली भी जीत जाएंगे। बिहार भी जीत जाएंगे और बंगाल भी जीत जाएंगे।’

Categories
india News

दिल्ली: शाहीन बाग से आई ऐसी ख़बर, जानकर उड़ जाएंगे सबके होश

दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में पिछले नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले दो महीने से अधिक समय से जारी विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बुधवार को वर्तमान में कालिंदी प्रमुख सड़क से हटने से इंकार किया है। शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से मिलने के बाद वार्ताकार वरिष्ठ वकील साधना रामचंद्रन ने कहा ‘हमने यहां माताओं, बहनों और नागरिकों से पहली मुलाकात की। बहुत अच्छा लगा। बात तो पूरी हो नहीं पाई, बातचीत की आज शुरू ही हुई है।

सर्वोच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के शुरुआत में यह स्पष्ट किया कि वह इस मामले में कोई फैसला सुनाने यहां नहीं पहुंचे हैं बल्कि बातचीत के जरिये मामले को सामान्य करने के प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले जब वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि रास्ता कैसा खुलागा, तो प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सीएए वापस नहीं लिया जाता है, तब तक हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे, फिर चाहे हम पर गोलियां ही क्यों न बरसाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन पर देशद्रोही होने का आरोप लगाया जा रहा है। कुछ लोग उन्हें गोली मारना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह देशद्रोही नहीं हैं, बल्कि देशभक्त हैं। हमने देश को आजाद कराने में अंग्रेजों से लोहा लिया है। प्रदर्शन में शामिल सबसे बुजुर्ग तीन दादियों ने कहा कि कॉन्स्ट हम सबका है और उसकी रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। संविधान की रक्षा के लिए ही कुछ महीने से सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन केवल 150 मीटर सड़क पर चल रहा है, बाकी सड़क को तीन स्थानों से पुलिस ने रोकाकर दो अवरुद्ध कर रखा है।

पहले पुलिस वाले तीन जगह से सड़क खोले तो भाषण सुचारू हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जहां तक ​​सड़क से हटने का सवाल है तो जब तक कैए वापस नहीं होंगे हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। एक अन्य महिला ने वार्ताकारों से कहा कि इस कानून के खिलाफ पिछले दो महीने से भी अधिक दिनों से यहां संघर्ष जारी है यदि उनकी बातों को नहीं माना गया तो यहां से हटने के बाद उनका कौन सुनेगा। सरकार प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने के लिए हर हथकंडे अपना रही है लेकिन कामयाबी नहीं मिली है तो अब सड़क बंद होने से लोगों को होने वाली असुविधा का बहाना बनाकर हटाना चाहती है।

Categories
india News

प्रधानमंत्री मोदी ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को दिया बड़ा झटका

दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए और एनआरसी को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग करीब दो महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली से नोएडा जाने वाले कालिंदी कुंज के रास्ते को बंद किया हुआ है। जिससे नोएडा जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए उनके ऑफिस पर पहुंचे थे लेकिन उन्हें पुलिस से मिलकर ही वापस लौटना पड़ा।

शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को कहा कि वे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर चर्चा करना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं। वे दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के इस इलाके में दिसंबर के मध्य से ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी जो नागरिकता संशोधन कानून से जुड़े मुद्दों पर बात करना चाहता है वह उनके ऑफिस में आकर उनसे बात कर सकता है।

अमित शाह से मिलने के लिए पहुंचे भी लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी ने वाराणसी में सीएए पर बड़ा बयान देकर प्रदर्शनकारियों को बड़ा झटका दे दिया। शाहीन बाग में विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये कानून धार्मिक रूप से भेदभाव करता है।

गौरतलब है कि रविवार को मोदी वाराणसी में थे। उन्होंने चंदौली में प्रतिमा का अनावरण किया और सीएए पर बड़ा बयान दिया था। मोदी ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून, इन फैसलों का देश को सालों से इंतजार था। इन फैसलों को लेना बड़ा ही मुश्किल काम है। सरकार अपने फैैसलों पर अडिंग है।

Categories
News Politics

जामिया लाइब्रेरी के वायरल वीडियो पर गृह मंत्री अमित शाह ने दिया ये बड़ा बयान

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई छात्रों की पिटाई का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। आजकल जामिया यूनिवर्सिटी का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में दिल्ली पुलिस को लाइब्रेरी में घुसते हुए और वहां पढ़ाई करते हुए छात्रों को पीटते हुए दिखाया गया है। लेकिन ये मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।

दिल्ली पुलिस पर वीडियो में सवाल उठने लगे हैं। राजनेता भी पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस कांड की निंदा की है। वहीं, विपक्ष पुलिस के बहाने बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रहा है। वायरल वीडियो में अर्द्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस की वर्दी में दिख रहे लोग जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में छात्रों की लाठियों से पिटाई कर रहे हैं।

जामिया वीडियो विवाद के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी चुप्पी तोड़ दी है। अमित शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस की शुरुआत सरदार वल्लभ भाई पटेल ने की थी। गृहमंत्री बोले कि पुलिस जाति और धर्म देखे बिना लोगों की मदद करती है। उन्होंने कहा कि हमेशा पुलिस की आलोचना नहीं करनी चाहिए बल्किलोगों से अपील की है कि वे पुलिस का सम्मान करें।

Categories
News Sports

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अमित शाह को दी चेतावनी, कहा-‘CAA वापस लो वरना…’

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा गुजरात के अहमदबाद में दिए गए बयान को आधार बनाकरम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर जोरदार हमला बोला है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सीएए वापस लेने, एनपीआर और एनआरसी नहीं लागू करने का शाह निर्णय लें और अपने पद से इस्तीफा दें।

दिग्विजय ने अपने ट्वीट में मोहन भागवत के बयान को टैग किया, जिसमें उन्होंने कहा था, “कोई भी खुश नहीं है। हर कोई आंदोलन कर रहा है। मिल मालिक और मजदूर आंदोलन कर रहे हैं। नियोक्ता और कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और जनता आंदोलन कर रही है। छात्र और शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं। हर कोई दुखी और असंतुष्ट है।”

सिंह ने भागवत के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि सच्चाई कब तक छुपेगी। भागवत जी, आप और आपकी संस्था ने ही मोदी, शाह को समर्थन देकर देश के ये हालात कर दिए। आप और आपकी संस्था मोदी, शाह को समर्थन देना बंद कर दे, जमीन खिसक जाएगी। गुजरात में भागवत जी का यह बयान आया, कुछ संकेत तो देता है। मोदी, शाह राजधर्म नहीं निभा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक अन्य ट्वीट में गृहमंत्री अमित शाह को सलाह दी, “आज अमित शाह जी शाहीन बाग के धरना देने वालों से मिल रहे हैं। तीन निर्णय ले लीजिए, देश में शांति हो जाएगी। सीएए वापस, नो एनपीआर और नो एनआरसी। या फिर मोहन भागवत जी के अहमदाबाद में दिए बयान पर ध्यान देते हुए अपना इस्तीफा दे दीजिए।

Categories
india News

जानिए…जब गृह मंत्री अमित शाह से मिलने उनके आवास पर पहुंचे शाहीन बाग के प्रदर्शन तो हुआ कुछ ऐसा

दिल्ली के शाहीन बाग में करीब दो महीने से ज्यादा समय से नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। बता दें कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने अमित शाह से मिलने के लिए रविवार सुबह मार्च निकाला था। लेकिन उनकी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात नहीं हो पाई। हालांकि, पुलिस से बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी लौट गए। सुरक्षा के मद्देनज़र इलाके में भारी सुरक्षाबल तैनात है।

एडिशनल DCP कुमार ज्ञानेश ने कहा कि स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। कुछ प्रदर्शकारी बैरिकेड्स तक आए थे। उनसे जब अमित शाह से मिलने अपॉइंटमेंट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ये बात स्वीकार की और बातचीत के बाद वे वापस चले गए। इससे पहले डीसीपी साउथ ईस्ट आरपी मीणा ने कहा, शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों ने हमें बताया कि वे गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए मार्च निकालना चाहते हैं। लेकिन हमने इसके लिए मना कर दिया क्योंकि उनके पास अपॉइंटमेंट नहीं था।

दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से लिस्ट मांगी थी कि जो लोग गृह मंत्री से मिलने जाना चाहते हैं, उनके नाम दे दें। इससे पहले दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारी 2 बजे एक मार्च निकालकर गृह मंत्री अमित शाह के पास जाना चाहते हैं। पुलिस ने इस मार्च की इजाजत नहीं दी है। अगर प्रदर्शनकारी मार्च निकालेंगे तो उन्हें पुलिस रोकेगी।

Categories
Entertainment india News

अनुराग कश्यप ने गृह मंत्री अमित शाह पर साधा निशाना, कहा-‘ये किस बात का गृह मंत्री है’

दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में नागरिकता संशोधन कानून और नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर को लेकर करीब ढाई महीने से प्रदर्शन किया जा रहा है। फिल्मकार अनुराग कश्यप भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा। अनुराग ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मैं बहुत दिनों से शाहीन बाग आना चाहता था। आप लोगों से हिम्मत मिलती है, इस हिम्मत से कितने सारे शाहीन बाग बन गए हैं।”

अनुराग कश्यप ने आगे कहा, “मैं सोच रहा था आऊंगा और स्टेज पर बिरयानी खाऊंगा। मैं किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं हूं। ये बहुत मुश्किल लड़ाई है, धैर्य की लड़ाई है, जो आप लोग लड़ रहे हैं और बहुत लोग जो आपको देख रहें है, वो सोच रहें है कि आप लोग छोड़ कर चले जाएंगे।”

अनुराग कश्यप ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं सरकार की बहुत सारी चीजों से असहमत हूं। सरकार के पास दिल नहीं है, इनको प्यार की भाषा समझ नहीं आती। बस इसी तरीके से हम लड़ सकते हैं। सरकार से आप बस प्यार बांटते रहिए, सरकार बस ताकत को अपने हाथ मे रखना चाहती है। इन्होंने अपने वादे नहीं निभाए। मैं इन पर विश्वास नहीं करता हूं। भारत सीमाओं से नहीं, यहां के लोगों से बनता है।

अमित शाह पर निशाना साधते हुए अनुराग ने कहा, “गृह मंत्री हमे सुरक्षा महसूस नहीं करा सकते, तो किस बात के गृह मंत्री हैं। हमें उनसे सुरक्षा की भावना आनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि कोई गलतफहमी है तो सरकार को चाहिए कि शाहीन बाग आए और बात करे, जब तक बात नहीं होगी मामला कैसे सुलझेगा। कश्यप ने कहा कि सड़क बंद नहीं है, लोग आ जा सकते हैं। लोग मुझे से ट्विटर पर कहते हैं कि गृह मंत्री से सम्मान से बात करूं, लेकिन उनके लिए मेरे मन में सम्मान नहीं है। उन्हें कानून का खुद नहीं पता है। यह सरकार अनपढ़ है।”