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भारत और अमेरिका के बीच हुई इतनी बड़ी डील, PAK को ट्रंप ने सुनाई खरी-खरी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। लेकिन सबकी निगाहें एक बात पर टिकी हुई थीं, वह रक्षा मंत्री थे। आखिरकार लंबी बातचीत और मोल-भाव के बाद ट्रम्प ने आज दोनों देशों के बीच 3 अरब डॉलर के रक्षा सौदे की घोषणा कर दी। इन सबके बीच ट्रंप ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर रोक-सुना सुनाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से चलने वाले आतंकवाद पर लगाम लगाने की जरूरत है। ट्रम्प और मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का भी जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि वह भारत का यह दौरा कभी नहीं भूलेंगे।

3 अरब डॉलर का रक्षा समझौता
इन प्रस्तावों में अमेरिका से 24 MH60 रोमियो हेलिकॉप्टर की 2.6 अरब अमेरिकी डॉलर में खरीद शामिल है। एक अन्य सौदा छह AH 64E अपाचे हेलिकॉप्टर को लेकर जिसकी कीमत 80 करोड़ डॉलर होगी। ट्रम्प ने इसके संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 3 अरब डॉलर से ज्यादा के डिफेंस सौदे से दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत होंगे।

पीएम मोदी बोले- अमेरिका से भारत की साझेदारी महत्वपूर्ण है
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की, वह चाहे रक्षा हो या सुरक्षा। हमने एनर्जी स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप, ट्रेड और पिपल-टू-पिपल के बीच संबंधों पर भी चर्चा की। रक्षा क्षेत्र में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत होता संबंध हमारी साझेदारी का महत्वपूर्ण पक्ष है। ट्रंप ने आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी और मैं अपने नागरिकों को कट्टर इस्लामिक आतंकवाद से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिका पाकिस्तान की धरती से चल रहा आतंकवाद को रोकने के लिए कदम उठा रहा है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने अहमदाबाद के मोटारा स्टेडियम में आयोजित ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में सोमवार को ही इस डील का ऐलान कर दिया था। उन्होंने बताया कि तीन अरब डॉलर की कीमत वाले सैन्य हेलिकॉप्टर और अन्य उपकरणों के लिए मंगलवार को समझौते किए जाएंगे। ट्रम्प ने कहा था कि हम अब तक के कुछ श्रेष्ठ उपकरण बनाते हैं: विमान, मिसाइलें, दीवार, पुल। हम अब भारत के साथ सौदा कर रहे हैं। इसमें उन्नत वायु रक्षा प्रणाली और सशस्त्र और बिना शस्त्र वाले एरियल वीइकल शामिल हैं।

ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, पुत्री इवंका, कीमताद जेरेद कुशनर और उनके प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी दो दिव्य भारत दौरे पर हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक संबंधों के बारे में कहा था कि अमेरिका भारत को दुनिया के कुछ प्रदर्शन और कुछ शानदार सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने को लेकर उत्सुक है।

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CAA पर को लेकर आगबबूला हुए मुस्लिम संगठन, दे डाली इतनी बड़ी चेतावनी!

नागरिकता संशोधन बिल बनने के बाद से ही देशभर में इसका जमकर विरोध किया जा रहा है। देश के कई हिस्सों में इस बिल के विरोध में आगजनी, तोड़फोड़ व जबरदस्त हिंसा हुई। हालाँकि, इतनी हिंसा के बावजूद भी इसे लागू किया गया। जिसके बाद यह नागरिकता संशोधन कानून बन गया। बता दें कि भारत में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) जिसे 12 दिसंबर 2019 को कानून बनाया गया था, और एक राष्ट्रव्यापी नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) बनाने के प्रस्तावों के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला है। 4 दिसंबर 2019 को असम, दिल्ली, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। वे पूरे भारत में फैल गए हैं, हालांकि प्रदर्शनकारियों की चिंताएं अलग-अलग हैं।

आपको बता दें कि मुस्लिम देशों के सबसे बड़े फॉर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर एक बयान दिया है। OIC ने कहा कि यह CaA के बारे में चिंतित था। संगठन का यह भी कहना है कि यह भारत के मुसलमानों को प्रभावित करने वाले हाल के रुझानों की अनदेखी से निगरानी कर रहा है। इस्लामिक सहयोग संगठन में पाकिस्तान सहित 57 मुस्लिम बहुल देश शामिल हैं। आपको बता दें कि संगठन ने कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर हमेशा पाकिस्तान का समर्थन किया है। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर इन सिद्धांतों के विपरीत कोई कार्रवाई की जाती है, तो इससे तनाव बढ़ेगा और इसके क्षेत्र की सुरक्षा और शांति पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका है।

गौरतलब है कि मलेशिया और तुर्की सहित कई मुस्लिम देशों ने भी नागरिकता संशोधन अधिनियम के बारे में विरोध किया है, लेकिन भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी देश को नागरिकता कानून जैसे आंतरिक मामलों पर टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए।

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पुलवामा आतंकी हमला: बेटे की बसरी पर फफक-फफक कर रो पड़ी बूढ़ी माँ, कहा- आज भी…

पिछले साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के जवानों से भरी बस पर हमला हो गया था। जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जिनमें यूपी के मैनपुरी के सीआरपीएफ जवान रामवकील शहीद हो गए थे। उनकी शहादत को पूरा एक साल हो चुका है। शहीद को याद कर परिवार और गांव के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। तो आंखों की नमी उनके बिछड़ने का अहसास भी कराती हैं।

शहीद की मांग अमितश्री अपने बेटे को याद करके रो पड़ती हैं। आखिर उन्होंने कलेजे का टुकड़ा जो खोया है। पत्नी गीता देवी का हाल भी कुछ ऐसा ही है। बरसी पर शहीद पति को याद करते हुए वीर नारी फफक-फफक कर रो पड़ीं। गीता देवी इटावा में रहकर बच्चों की परवरिश कर रही हैं।

शहीद रामवकील की बरसी पर गांव विनायकपुर में शहीद मेले का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि पुलवामा हमले की बरसी पर एक दिवसीय मेले का आयोजन होगा। इसमें गांव व क्षेत्र के लोग प्रतिभाग करेंगे। साल दर साल इसका आयोजन किया जाएगा।

रामवकील की शहादत के एक साल बाद भी स्मारक का निर्माण तक नहीं हो सका। सरकार द्वारा इसके लिए पांच बीघा का पट्टा तो आवंटित किया जा चुका है, लेकिन इसके लिए अब तक रास्ता नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों से लेकर नेताओं तक इस मामले की जानकारी दी गई, लेकिन निराकरण नहीं हो सका।

शहीद की मां अमितश्री ने बताया कि बेटे को खोने का गम है, तो गर्व इस बात का है कि मेरे बेटे ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। वह हमारे दिल में हमेशा जीवित रहेगा। पत्नी गीता देवी ने कहा कि मेरे पति ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। सरकार से मेरा अनुरोध है कि शहीद स्मारक के लिए रास्ता दिलाया जाए।

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PM मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना मुस्लिम अधिकारी को पड़ा महंगा, हुई कार्रवाई

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना राज्यसभा के एक सुरक्षा अधिकारी को महंगा पड़ गया। इस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। बता दें कि पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में राज्यसभा अधिकारी का ओहदा कम कर दिया गया है। इस बाबत राज्यसभा सचिवालय ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि  राज्यसभा के उप निदेशक (सुरक्षा) उरजुल हसन को राजनीतिक तटस्थता बरकरार नहीं रख पाने और नियमों का पालन करने में नाकाम रहने के कारण पदावनत किया गया है।      .

बता दें कि उरजुल हसन के खिलाफ इस मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई प्राथमिक जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। शिकायत में हसन पर सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी कई पोस्ट साझा करने का आरोप लगाया गया था। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभापति एम वेंकैया नायडू ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए हसन का ओहदा पांच साल के लिए कम कर कनिष्ठ श्रेणी (लोअर ग्रेड) के सुरक्षा अधिकारी करने का निर्देश दिया है। इस अवधि में उन्हें वेतन में सालाना बढ़ोतरी के लाभ से वंचित रखा जायेगा।

हसन पर पीएम मोदी के अलावा कुछ केन्द्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां करने का भी आरोप है। इस मामले में हसन के खिलाफ राज्यसभा सेवा नियम 1957 और केन्द्रीय लोक सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।

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NRC के ये 31 सवाल साबित करेंगे कि आप भारत के नागरिक हैं या नहीं ?

एनआरसी भारतीय नागरिकों का एक रजिस्टर है, जिनके निर्माण को नागरिकता अधिनियम, 1955 के 2003 के संशोधन द्वारा अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य भारत के सभी कानूनी नागरिकों का दस्तावेजीकरण करना है ताकि अवैध प्रवासियों की पहचान की जा सके और उन्हें निर्वासित किया जा सके।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से देश में सीएए और NRC को लेकर खूब विरोध किया जा रहा है लेकिन इसी बीच आपकी जानकरी के लिए बता दें कि सरकार की तरफ से यह आदेश जारी करते हुए जनगणना की तारीख घोषित कर दी गई है। जनगणना के साथ ही NRC की भी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जिसे इसी वर्ष सितम्बर के महीने तक संपन्न किया जाएगा। जनगणना 2021 के लिए तैयारियां हो चुकी है और एक अप्रैल से यह काम गृह सूचीकरण चरण के साथ शुरू होगा।

जनगणना कर्मी आपके घर आएंगे और सारी जानकारी मांगेंगे। इस जानकारी में जनगणना कर्मी आपके परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर, शौचालयों से संबंधित जानकारी, टीवी, इंटरनेट, वाहन, पेयजल का स्त्रोत आदि से संबंधित सवाल पूछेंगे। महापंजीयक और जनगणना आयुक्त की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, जनगणना अधिकारियों को एक अप्रैल से 30 सितंबर तक चलने वाली गृह सूचीकरण और गृह जनगणना की कवायद के दौरान हर परिवार से जानकारी हासिल करने के लिए 31 प्रश्न पूछने के निर्देश दिए गए हैं। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना के मकसद से ही पूछा जाएगा और उसका इस्तेमाल किसी और प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा।

यह जनगणना पारंपरिक पेन और पेपर के बजाय मोबाइल फोन एप्लीकेशन के जरिये होगी। जनगणना की संदर्भ तिथि एक मार्च, 2021 होगी, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए यह तिथि एक अक्टूबर, 2020 होगी। साथ ही यह भी साफ कर दें कि जनगणना के दौरान बैंक खातों की जानकारी नहीं मांगी जाएगी। अगर आपके भी घर जनगणना कर्मी आते हैं तो उन्हें जो सवाल पूछे जाएं उनका सही जवाब दें। हम यहां आपको उन 31 सवालों के बारे में बता रहे हैं जो जनगणना कर्मी आपसे पूछने वाले हैं। इन सवालों को संभलकर रख लें ताकि आपके काम आएंगे।

जनगणना व NRC में पूछे जाने वाले सवाल
1. बिल्डिंग नंबर (म्यूनिसिपल या स्थानीय अथॉरिटी नंबर)
2. सेंसस हाउस नंबर
3. मकान की छत, दीवार और सीलिंग में मुख्य रूप से इस्तेमाल हुआ मटीरियल
4. मकान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा है
5. मकान की स्थिति
6. मकान का नंबर
7. घर में रहने वाले लोगों की संख्या
8. घर के मुखिया का नाम
9. मुखिया का लिंग
10. क्या घर के मुखिया अनुसूचित जाति/जनजाति या अन्य समुदाय से ताल्लुक रखते हैं
11. मकान का मालिकाना स्तर
12. मकान में मौजूद कमरे
13. घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं
14. पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत
15. घर में पानी के स्त्रोत की उपलब्धता
16. बिजली का मुख्य स्त्रोत
17. शौचालय है या नहीं
18. किस प्रकार के शौचालय हैं
19. ड्रेनेज सिस्टम
20. शौचालय है या नहीं
21. रसोई घर है या नहीं, इसमें एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन है या नहीं
22. रसोई के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन
23. रेडियो/ट्रांजिस्टर
24. टेलीविजन
25. इंटरनेट की सुविधा है या नहीं
26. लैपटॉप/कंप्यूटर है या नहीं
27. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन उपयोग करते हैं या नहीं
28. साइकिल/स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड है या नहीं
29. कार/जीप/वैन है या नहीं
30. घर में किस अनाज का मुख्य रूप से उपभोग होता है
31. मोबाइल नंबर

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पाकिस्तान ने फिर उगला ज़हर, कहा-‘हिंदू बात से नहीं, लात से मानता है’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। जिसके कारण उन्होंने 1992 के क्रिकेट विश्व कप में जीत हासिल की। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन आज भी उनकी यादें हमारे दिलों में जिंदा है। जिन्होंने कभी अपने एक भाषण में बताया था कि, आप अपने दोस्त बदल सकते हो लेकिन पड़ोसी को नहीं। समय बदला हालात बदला, भारत ने रात-दिन एक करके पूरी दुनिया में तरक्की की। लेकिन हमारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान आज भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के मुंह से निकली हुई बातें सच साबित हो रही हैं। क्यूंकि आज भी पाकिस्तान नहीं सुधरा है। पाकिस्तान एक बार फिर अपनी नापाक हरकत दिखा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ की और से लाहौर समेत कई शहरों में पोस्टर्स लगाए गए हैं। जिन पोस्टर्स में भारतीय हिन्दुओं के लिए आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पाकिस्तान में कश्मीर एकजुटता दिवस मानाने वाली हैं। जिसको लेकर ही इमरान की पार्टी द्वारा पाकिस्तान के बड़े शहरों में ऐसे पोस्टर्स लगाए गए हैं। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, जिस ट्वीट में लिखा गया कि हिंदू बात से नहीं, लात से मानते हैं। यह आपके लिए नया पाकिस्तान है।

वहीं, सोशल मीडिया में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखने वाले परेश रावल ने इसका मुंह तोड़ जवाब दिया है। परेश ने अपने इमरान सरकार के इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि ‘हा हा हा, बहुत महत्वाकांक्षाएं हैं…! वो पहले से ही अपने घुटनों पर हैं…लात नहीं मार सकते।’

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…तो चीन की इस गलती के कारण दुनिया में फैला जानलेवा “कोरोना वायरस”

चीन की एक गलती की वजह से पूरे विश्व में कोरोना वायरस का खौफ फैल गया है। कोरोना वायरस के फैलने के लिए अब चीनी सरकार और स्वास्थ्य प्रबंधकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, चीन के वुहान शहर के एक अस्पताल में डॉक्टर ली वेनलियांग ने 30 दिसंबर को 7 मरीजों को रहस्यमयी बीमारी से पीड़ित पाया था। इसके बाद उन्होंने सतर्कता बरतते हुए उन्हें तुरंत आइसोलेशन वॉर्ड में रखने के आदेश दिए। इतना ही नहीं बल्कि इस वायरस बात लीक करने वाले डॉक्टर ली को तीन दिन बाद पुलिस ने कार्रवाई की और उनकी बात को गैर-कानूनी ठहराते हुए उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर ले लिए।

कोरोना वायरस का मूल गढ़ वुहान शहर के उस बाजार को बताया जा रहा है, जहां करीब 112 किस्म के जानवरों के मांस का कारोबार होता है। खबर है कि यहां सड़े-गले मांस की वजह से यह वायरस पहले सांप में आया। इसके बाद किसी सांप को खाने की वजह से इस वायरस ने इंसान के शरीर में जगह बनाई। रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस का पहला मामला दिसंबर में ही सामने आ गया था, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से लेने में देरी दिखाई। सरकार की ओर से जनवरी में कोरोना वायरस को लेकर पहला बयान जारी किया गया। जिसके बाद यह वायरस धीरे धीरे पूरी दुनिया में फैलता गया।

कोरोना वायरस फैलने के बाद चीन की सरकार ने अधिकारियों और डॉक्टर्स पर चुप रहने के लिए दबाव बनाए रखा। जानकारी मिलने के अभाव में लोग इस वायरस से अनजान रहे और सही समय पर अपना बचाव नहीं कर पाए। वुहान के बाजारों पर भी यह कहकर ताले लगाए गए थे कि यहां की दुकानों को रेनोवेट किया जाना है। बताय गया है कि यदि पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स और मेडिकल प्रोफेशनल्स ने लोगों को सही समय पर आगाह किया होता तो शायद इस खतरनाक वायरस को फैलने से रोका जा सकता था। खबर है इस वायरस की चपेट में पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों के लोग भी आ चुके हैं जो चीन और थाईलैंड जैसे देशों में रहते हैं।

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कोरोना वायरस का सच और झूट जानिए विकिलैक्स4इंडिया के साथ

Coronavirus Facts & Myths: कोरोना वायरस ने अब तक चीन में हज़ारों लोगों को बीमार कर दिया है और इसकी वजह से कई लोगों की जान भी चली गई है। सांस की तकलीफ को बढ़ाने वाले इस वायरस की पहचान सबसे पहले चीन के वुहान शहर में हुई। तेज़ी से फैलने वाला ये संक्रमण निमोनिया जैसे लक्षण पैदा करता है।

चीन की सरकार ने संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए प्रभावित शहरों को देश के बाकी हिस्सों से अलग करके रखा हुआ है। वहां जाना या वहां से बाहर निकलना बिल्कुल बंद है। आइए जानते हैं कि आखिर ये वायरस कैसे फैलता है। साथ ही जानें इससे जुड़े तथ्य और मिथ्य-

कैसे फैलता है कोरोना वायरस

कोरोना वायरस कई वायरसों का एक समूह है। पशुओं में यह वायरस पाया जाना सामान्य है। इस वायरस को वैज्ञानिक जूनैटिक नाम से भी पुकारते हैं। इसका अर्थ होता है पशुओं से मनुष्य में फैलने वाला वायरस। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से हवा में फैलता है।

संक्रमित व्यक्ति को छूने और हाथ मिलाने से भी यह वायरस दूसरे व्यक्ति को चपेट में ले लेता है। ऐसी सतह जिस पर वायरस हो, उसे छूने के बाद यदि आप अपने मुंह, आंख या नाक को छूते हैं, तो उससे आप भी संक्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि इसके संक्रमण के कारण मौत का खतरा लगभग 20 फीसदी ही है, ऐसे में यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि संक्रमण का मतलब मौत है।

क्या घर के पालतू जानवरों से भी ये वायरस फैल सकता है?

फिलहाल, अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि घर में मौजूद पालतू जानवर जैसे- कुत्ते या बिल्ली भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, जानवरों से संपर्क के बाद हमेशा अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं। ऐसा करने से आप ई-कोली और सैलमोनेला जैसे बैक्टीरिया से बचे रहेंगे।

क्या नया कोरोना वायरस बूढ़े लोगों या युवाओं को भी प्रभावित करता है? 

सभी उम्र के लोगों को कोरोना वायरस प्रभावित कर सकता है। बूढ़े लोग या फिर जो पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ या दिल की बीमारी से ग्रस्त हैं, उनके इस वायरस से बीमार पड़ने का ज़्यादा ख़तरा है। WHO सभी उम्र के लोगों को वायरस से खुद को बचाने के लिए कदम उठाने की सलाह देता है।

क्या एंटीबायोटिक्स इस नए कोरोनावायरस को रोकने और इसके उपचार में फायदेमंद हैं?

कोरोनोवायरस की रोकथाम या उपचार के साधन के रूप में एंटीबायोटिक्स का उपयोग प्रभावी नहीं है। हालांकि, आपको कोरोना वायरस की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर आपको एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती हैं, जिनसे आपको राहत मिल सकती है, क्योंकि बैक्टीरिया के कारण अन्य बीमारियां भी पैदा हो सकती हैं।

क्या कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कोई खास दवा मौजूद है?

कोरोना वायरस की फिलहाल कोई दवा नहीं है, इससे बचाव ही इसका इलाज है। हालांकि, इस वायरस से संक्रमित लोगों को इसके लक्षणों की उचित समझ और सलाह दी जानी चाहिए।

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IND बनाम NZ: सुपर ओवर में सुपर डुपर दिखी टीम इंडिया, रोमांच भारत ने फिर दी पटखनी

टीम इंडिया के खिलाफ तीसरे टी 20 मुकाबले में सुपर ओवर के जरिए मैच गंवाने वाली न्यूजीलैंड की टीम को चौथे मुकाबले में भी उसी स्थिति का सामना करना पड़ा। टी 20 क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब दो मैचों का फैसला लगातार दो बार सुपर ओवर के जरिए किया गया। न्यूजीलैंड ने सुपर ओवर में एक विकेट पर 13 रन बनाए और भारत को जीत के लिए 14 रन का लक्ष्य मिला। इस लक्ष्य को भारत ने हासिल करके चौथे मैच में जीत दर्ज की। इस जीत के बाद टीम इंडिया ने पांच मैचों की टी 20 सीरीज में 4-0 की बढ़त बना ली।

इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 165 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने भी 20 ओवर में 7 विकेट पर 165 रन ही बनाए। इस मुकाबले में जीत के लिए न्यूजीलैंड की टीम को एक गेंद पर दो रन बनाने थे, लेकिन शार्दुल की गेंद पर सैंटनर एक रन ही लेने में कामयाब रहे और रन आउट हो गए। इसके बाद मैच सुपर ओवर में पहुंच गया।

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी

कोलिन मुनरो और टिम साइफर्ट बल्लेबाजी के लिए आए। साइफर्ट आउट हुए। भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने ओवर फेंका।

पहली गेंद- बुमराह की गेंद पर साइफर्ट ने दो रन लिए। श्रेयस अय्यर ने कैच छोड़ा।

दूसरी गेंद- बुमराह की गेंद पर साइफर्ट ने चौका लगाया।

तीसरी गेंद- बुमराह की गेंद पर साइफर्ट ने दो रन लिए। केएल राहुल ने कैच छोड़ा।

चौथी गेंद- बुमराह की गेंद पर साइफर्ट आउट हुए। उनका कैच वाशिंगटन सुंदर ने लपका।

पांचवीं गेंद- बुमराह की गेंद पर कोलिन मुनरो ने चौका लगाया।

छठी गेंद- बुमराह की आखिरी गेंद पर एक रन बना।

भारत की बल्लेबाजी

भारत की तरफ से बल्लेबाजी के लिए विराट कोहली और केएल राहुल उतरे। के एल राहुल के आउट होने के बाद संजू सैमसन बल्लेबाजी के लिए उतरे। न्यूजीलैंड की तरफ से गेंदबाजी के लिए टिम साउथी को फिर से मौका दिया गया जिन्होंने पहले मैच में अपनी टीम को हार दिलाई थी।

पहली गेंद- टिम साउथी की गेंद पर केएल राहुल ने छक्का जड़ दिया।

दूसरी गेंद- टिम साउथी की गेंद पर केएल राहुल ने चौका लगाया।

तीसरी गेंद- टिम साउथी की गेंद पर केएल राहुल कैच आउट हुए।

चौथी गेंद- टिम साउथी की गेंद पर विराट कोहली ने दो रन लिए।

पांचवीं गेंद- टिम साउथी की गेंद पर विराट ने चौका लगाकर मैच जीता।

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LIC पर छाय संकट के बादल, क्या डूब जाएगी आपकी खून-पसीने की कमाई ?

देश की आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन बेहद खराब होती जा रही है। कई प्राईवेट कंपनियां का बुरा हाल है। वहीं, बैंकों का भी मामला कुछ ऐसा ही है। बात करें सरकार की स्वामित्व वाली बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की तो वह भी बुरे दौर से गुजर रही है। एलआईसी पर नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट (NPA) का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। आलम यह है कि पांच साल में कंपनी का एनपीए दोगुना हो गया है।

एलआईसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 30 सितंबर, 2019 तक कुल 30 हजार करोड़ रुपये का सकल एनपीए है। रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2019 में एलआईसी का सकल एनपीए 6.10 प्रतिशत रहा जो पिछले पांच वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है। इससे पहले एलआईसी ने हमेशा 1.5 से 2 प्रतिशत के बीच ही सकल एनपीए बनाए रखा था। एलआईसी की हालत खस्ता होती जा रही है। कंपनी का नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट (NPA) पिछले पांच साल में 30 हजार करोड़ के पार जा चुका है।

हालांकि, एलआईसी के पास कुल 36 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कुल संपत्ति है और कई बड़ी प्राइवेट कंपनियों में उसकी हिस्सेदारी है। सालाना 2,600 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाने वाली एलआईसी ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि इन डिफॉल्ट मामलों में से कई में उसे बहुत कुछ मिलने की उम्मीद नहीं रही है। बैड लोन का अधिकांश हिस्सा परंपरागत बिजनेस से जुड़ा है।

एलआईसी की रिपोर्ट के मुताबिक 25 हजार करोड़ रुपये का बैड लोन इन्हीं कंपनियों पर है। पेंशन बिजनेस से जुड़ी कंपनियों पर पांच हजार करोड़ जबकि यूनिट लिंक्ड बिजनेस (ULIPs) से जुड़ी कंपनियों पर 500 करोड़ रुपये बकाया है। इसके बावजूद LIC जीवन बीमा कारोबार में बाकी कंपनियों पर अपनी लीड बनाए हुए है।