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BJP-कांग्रेस के बस वार में कूदीं BSP सुप्रीमो, घिनौनी राजनीति करने का लगाया आरोप

लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों उनके घर पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी के बीच खूब विवाद देखने को मिल रहा है। और इसी विवाद में बीएसपी सुप्रीमो मायावती कूद पड़ी हैं। मायावती ने मजदूरों को घर भेजने के नाम पर बीजेपी और कांग्रेस पर घिनौनी राजनीति का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, बीएसपी प्रमुख ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए गूगली फेंकी है कि बसें हैं तो अपनी सरकार वाली राज्यों में मदद क्यों नहीं करते।

बीएसपी सुप्रीमो ने ट्वीट कर शक जताया कि बीजेपी और कांग्रेस आपसी मिलीभगत के जरिए बस पॉलिटिक्स कर रही हैं ताकि कोरोना त्रासदी के मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके। मायावती ने कहा कि बीएसपी बिना किसी प्रचार के प्रवासी मजदूरों की मदद में जुटी है। बीएसपी प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर लिखा कि ‘पिछले कई दिनों से प्रवासी श्रमिकों को घर भेजने के नाम पर खासकर बीजेपी व कांग्रेस द्वारा जिस प्रकार से घिनौनी राजनीति की जा रही है यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण। कहीं ऐसा तो नहीं ये पार्टियां आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके इनकी त्रास्दी पर से ध्यान बांट रही हैं?’

अगले ट्वीट में मायावती ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि उसे बसों के जरिए मजदूरों को भेजने पर अड़ने के बजाय मजदूरों के लिए टिकट लेकर ट्रेन से उन्हें भेजना चाहिए। मायावती ने कहा कि बीएसपी के लोगों ने बिना प्रचार किए जरूरतमंदों की मदद की है जबकि बीजेपी और कांग्रेस ने मदद की आड़ में घिनौनी राजनीति की है।

मायावती ने लिखा, ‘जबकि इन्हीं सब बातों को खास ध्यान में रखकर ही बीएसपी के लोगों ने अपने सामर्थ्य के हिसाब से प्रचार व प्रसार के चक्कर में ना पड़कर बल्कि पूरे देश में इनकी हर स्तर पर काफी मदद की है अर्थात् बीजेपी व कांग्रेस पार्टी की तरह इनकी मदद की आड़ में कोई घिनौनी राजनीति नहीं की है।’ एक तरह से कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए मायावती ने सलाह दी कि अगर उसे प्रवासी मजदूरों की मदद करनी है तो अपने शासन वाले राज्यों में उनकी मदद के लिए बसें लगानी चाहिए।

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