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LOCKDOWN में ढील देना पाकिस्तान को पड़ा मंहगा, 24 घंटों में गई इतने लोगों की जान

दुनिया भर में कोरोना वायरस अपना कहर बरपा रहा है। भारत में भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया है। वहीं, बात करें पाकिस्तान की तो पाकिस्तान इस संकट की घड़ी में भी गंभीर नज़र नहीं आ रहा है। पाकिस्‍तान ने लॉकडाउन में जैसे ही ढील दी, वैसे ही कोरोना ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया। वहां पर पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 627 नए मामले सामने आए हैं, जबकि इस दौरान 23 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान में अब कोरोना के कुल 7027 मामले हो गए हैं, वहीं, इस घातक वायरस की चपेट में आकर 134 लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्‍तान में कोरोना के पहले दो मामले 18 मार्च को सामने आए थे। इसके बाद यहां पर कोरोना मरीजों की तादाद में इजाफा हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों को डर है कि लॉकडाउन में दी गई छूट के कारण कोरोना के मामलों की संख्या में और वृद्धि होगी, विशेष रूप से रमजान के महीने के दौरान इफ्तार व सेहरी के लिए जुटने वाली भीड़ घातक वायरस के फैलने का मुख्य कारण बन सकती है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय (एनएचएस) के एक अधिकारी का कहना है कि पिछले 24 घंटों के दौरान पहली बार 5,300 परीक्षण किए गए हैं। जबकि इससे पहले सामान्य तौर पर लगभग 2400 परीक्षण ही किए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान पुष्टि किए गए आधे मामले उन लोगों में पाए गए, जिन्होंने पंजाब प्रांत के रायविंड शहर में तबलीगी के कार्यक्रम में भाग लिया था।

हालांकि, स्वास्थ्य मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक जफर मिर्जा अब इस मामले पर सफाई देते हुए नजर आ रहे हैं। उनहोंने कहा कि मामलों की संख्या को लॉकडाउन में दी गई छूट से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वास्तव में एकांतवास में बहुत सारे लोग थे और कभी-कभी ऐसा होता है, जब बहुत सारे परीक्षण किए जाते हैं। 7 अप्रैल को इसी तरह की वृद्धि देखी गई थी, जब 24 घंटों के अंदर लगभग 700 मामले दर्ज किए गए थे। मिर्जा ने कहा, दूसरी बात यह है कि हमने 24 घंटे में 3,000 लोगों की तुलना में 5,300 लोगों का परीक्षण किया है, जिसके कारण मामलों की संख्या भी दोगुनी हो गई है।

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