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PM मोदी ने बताया कैसे जमीन से जुड़े हैं हरिवंश सिंह?, सुनाया एक मजेदार किस्सा

संसद का आज से मॉनसून सत्र शुरू हो चुका है। पहले दिन की कार्यवाही के बाद इसे मंगलवार दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद हरिवंश सिंह फिर से राज्यसभा के उपसभापति चुन लिए गए हैं। वह लगातार दूसरी बार इस पद पर काबिज हुए हैं। उन्होंने विपक्ष के साझा उम्मीदवार आरजेडी के सांसद मनोज झा को मात दी। सदन में मौजूद रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश सिंह को जीत की बधाई दी।

पीएम मोदी ने हरिवंश सिंह की तारीख करते हुए कहा कि हरिवंश जमीन से जुड़े हुए हैं। पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने बहुतों के लिए काम किया है। साथ ही प्रधानमंत्री ने हरिवंश सिंह से जुड़े कई किस्से भी बताए। पीएम मोदी ने कहा कि संतोष ही सुख है। ये व्यवहारिक ज्ञान हरिवंश जी को अपने घर की जो स्थितियां थीं उससे मिला। वो किस पृष्ठभूमि से निकले हैं इसी से जुड़ा एक किस्सा मुझे किसी ने बताया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाईस्कूल में आने के बाद हरिवंश जी के लिए पहली बार जूता बनाने की बात हुई थी। उसके पहले उनके पास जूते नहीं थे। गांव के एक व्यक्ति को हरिवंश जी के लिए जूता बनाने के लिए कहा गया। हरिवंश अक्सर उस बनते हुए जूते को देखने जाते थे। जैसे रईस लोग जब बंगला बनवाते हैं तो बार-बार उसे देखने के लिए जाते हैं। ऐसे ही हरिवंश अपना जूता देखने के लिए पहुंच जाते थे। वो जूते वाले से हर रोज सवाल करते थे कि कब तक बन जाएगा? इस बात का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हरिवंश जी जमीन से इतना क्यों जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हम सभी ने सदन की कार्यवाही के संचालन के उनके तरीके को देखा है। हरिवंश ने निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही का संचालन किया है। वह एक शानदार अंपायर रहे हैं और आने वाले समय में भी ऐसा ही रहेगा। वह अपने कर्तव्यों को निभाने में हमेशा मेहनती रहे हैं।

बता दें कि राज्यसभा सांसद बनने से पहले हरिवंश सिंह की पहचान एक पत्रकार के तौर पर रही है। उनका जन्म जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा में हुआ। वह शुरू से ही समाजवादी विचारधारा को मानने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। वाराणसी से शिक्षा हासिल करने के दौरान ही हरिवंश सिंह जेपी आंदोलन से जुड़ गए थे। बाद में उन्होंने पत्रकारिता में कदम रखा और करीब चार दशक तक पत्रकारिता में सक्रिय रहे। उन्होंने देश के कई प्रमुख अखबारों के लिए काम किया और 1989 में प्रभात खबर शुरू किया। 2014 में जेडीयू ने उन्हें राज्यसभा भेजा और 2018 में राज्यसभा के उपसभापति चुने गए, लेकिन इस साल उनका कार्यकाल पूरा हो जाने के चलते अब दोबारा से उसी पद के लिए मैदान में उतरे और जीत हासिल की।

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